खरगोन रोड स्थित शासकीय बालक उमावि स्कूल। सुबह करीब 11 बजे एक कक्ष में मास्क लगाकर 10 से 12 विद्यार्थी बैठे हुए थे। एक शिक्षक उन्हें फीट इंडिया अभियान के तहत फीट रहने के टिप्स दे रहे थे। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर 5 से 6 शिक्षक गुनगुनी धूप में खड़े होकर चर्चा कर रहे थे तो शेष कमरों में सन्नाटा पसरा हुआ था।
8 माह के लंबे इंतजार के बाद शिक्षा विभाग के आदेश पर शुक्रवार को स्कूल का संचालन शुरू हुआ। स्कूल में आने वाले विद्यार्थियों का हाथ धुलाने के बाद सैनिटाइजर का उपयोग कराया गया। स्कूल प्रबंधन के पास टेम्प्रेचर मशीन न होने से बिना जांच के ही स्कूल में प्रवेश दिया जा रहा था। स्कूल खुलने के पहले दिन स्कूल आने में बच्चों की रूचि कम दिखाई दी। हालांकि स्कूल प्रबंधन स्कूल संचालन के लिए तैयार था लेकिन बच्चे बहुत कम संख्या में स्कूल पहुंचे। प्राचार्य रेखा कामदार ने बताया स्कूल में कक्षा 10वीं में 61 व कक्षा 12वीं में 218 विद्यार्थियों की दर्ज संख्या है। जिसमें से पहले दिन मात्र 14 विद्यार्थी ही पहुंचे। प्राचार्य ने कहा पहले दिन विद्यार्थियों की कक्षा ली है। उन्हें विभिन्न विषयों में क्या समस्या आ रही है। उसकी जानकारी लेकर उसके अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी।
नियमित कक्षा संचालन से पढ़ाई में लगता है मन
स्कूल पहुंचे कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने बताया स्कूल द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही थी लेकिन उसमें ज्यादा समय तक पढ़ाई में मन नहीं लगता है। नियमित स्कूल में आने पर यहां पर पढ़ाई पूरी होती है। स्कूल में दोस्तों के साथ समय बिताने पर तनाव की स्थिति भी नहीं बनती है। किसी भी विषय में समस्या आने पर तुरंत शिक्षक समस्या का हल कर देते थे। ऑनलाइन क्लास में कई बार नेट की परेशानी होने व मोबाइल न मिलने पर पढ़ाई पूरी नहीं हो पाती थी। स्कूल का नियमित संचालन करने पर विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
अभिभावकों से भराए है शपथ पत्र, सभी ने दी अनुमति
प्राचार्य रेखा कामदर ने बताया स्कूल में विद्यार्थियों को भेजने के लिए शासन के निर्देशानुसार सभी विद्यार्थियों के पालकों से शपथ पत्र भराए गए है। इसमें सभी पालकों ने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सहमति दी है। साथ ही बच्चों के पालकों को घर से मास्क व सैनिटाइजर रखकर भेजने का निवेदन किया है। ताकि बच्चों में संक्रमण का डर न रहे।
परीक्षा को देखकर कराई जाएगी तैयारी
शिक्षकों ने बताया कक्षा 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों की दो से तीन माह में परीक्षा होने वाली है। इस बार स्कूलों को नियमित संचालन नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हुई है। इसके लिए कम समय में विद्यार्थियों को अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। जो प्रश्न परीक्षा में आने की संभावना है। उनका अधिक से अधिक अध्ययन कराया जाएगा। करीब 5 साल के प्रश्न पत्र को ज्यादा से ज्यादा हल कराने के लिए निर्देश दिए थे।
खंडहर हुए कन्या हाई स्कूल के भवन को गिराने की मांग
पिपलियाबुजुर्ग | शासकीय कन्या हाई स्कूल प्रांगण में नया भवन निर्मित होने के बाद पुराना भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर खंडहर में बदल गया है। करीब 1800 वर्ग फीट जमीन में निर्मित पुराना भवन अनुपयोगी हो चुका है। अनुपयोगी हो चुके भवन को तोड़कर समतलीकरण करने व इस जमीन में खेल का मैदान या बगीचे के निर्माण के लिए उपयोग करने की मांग समाजसेवियों ने की है। ग्राम के निलेश जैन, खेमराज, जैन महेंद्र सिन्हा सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा विद्यालय प्रांगण में पुराने भवन का समतलीकरण किया जाए। जिसे इस जमीन का विद्यालय हित में उपयोग हो सके। इस संबंध में पूर्व में भी कई बार जनप्रतिनिधियों से मांग की गई थी लेकिन सार्थक परिणाम नहीं मिला। कन्या हाई स्कूल प्राचार्य एसएस डावर ने बताया इस संबंध में प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा चुका है। हमारी कोशिश है 1800 वर्ग फीट जमीन का विद्यालय हित में उपयोग हो।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/khargone/news/after-cleaning-the-school-the-rooms-were-sanitized-only-14-out-of-279-students-came-to-school-128026539.html
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