मप्र हाईकोर्ट ने केन्ट बोर्ड उपाध्यक्ष को पद से हटाने के लिए याचिका दायर पर जवाब पेश नहीं किए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बैंच ने केन्ट बोर्ड सीईओ और उपाध्यक्ष से कहा है कि यदि 15 दिन में जवाब पेश नहीं तो उनका जवाब पेश करने का अधिकार समाप्त कर दिया जाएगा।
मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को नियत की गई है। यह याचिका केन्ट निवासी कन्हैया तिवारी और सुरेन्द्र यादव की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि केंटोनमेंट एक्ट की धारा 34-ए के अनुसार अतिक्रमण करने वाला व्यक्ति बोर्ड मेम्बर रहने के योग्य नहीं है। वर्तमान केन्ट बोर्ड उपाध्यक्ष अभिषेक चौकसे ने वर्ष 2006-07 में पेन्टीनाका स्थित डिफेंस लैंड पर अतिक्रमण कर उस जमीन को बेच दिया। इसके आधार पर उन्हें पद से हटाने की माँग की गई है। डिवीजन बैंच ने 12 अक्टूबर को केन्ट बोर्ड सीईओ और उपाध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया था।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/if-you-do-not-reply-in-15-days-the-right-to-reply-will-end-128028346.html
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