कोरोना काल में पहली बार 10वीं और 12वीं की नियमित कक्षाएं शुक्रवार से शुरू हुईं। हालांकि पहले दिन बहुत कम संख्या में विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। कहीं एक ही छात्रा पढ़ने पहुंची तो 1300 छात्राओं वाले सरकारी स्कूल में बमुश्किल 17 छात्राएं पहुंचीं। सरकारी स्कूलों में पहले दिन पालकों के साथ मीटिंग होना थी लेकिन पालकों का हाल भी बच्चों की तरह था। एक सरकारी स्कूल में महज दो पालक मीटिंग के लिए पहुंचे। पहले दिन नियमित कक्षा शुरू करने वाले सीबीएसई स्कूलों की संख्या भी कम रही। ज्यादातर स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं।
कोचिंग के लिए आदेश का इंतजार
बड़े बच्चों के लिए नियमित कक्षाओं के साथ अब कोचिंग क्लासेस ही बाकी हैं। अभी उन्हें सिर्फ मार्गदर्शन कक्षाएं लगाने की इजाजत है। फैसला आपदा नियंत्रण समिति को करना है।
एनी बेसेंट स्कूल : 15 छात्र ही पहुंचे, संख्या बढ़ने पर संचालक स्कूल बस भी शुरू करेंगे
एनी बेसेंट स्कूल में 15 छात्र पहुंचे। प्रिंसिपल मोहित यादव के अनुसार फिलहाल उपस्थिति कम है इसलिए सुविधाएं नहीं बढ़ाईं। संख्या बढ़ने पर हम स्कूल बस भी उपलब्ध करवाएंगे। पहले दिन ही पालकों ने बस की जानकारी भी मांगी। कक्षा में हो रही फिजिकल पढ़ाई का एक्सेस ऑनलाइन पढ़ रहे बच्चों को उपलब्ध करवाने
के लिए भी सिस्टम तैयार कर रहे हैं।
वैष्णव कन्या : 9वीं और 10वीं की 4 छात्राएं गईं
स्कीम 71 स्थित एमपी बोर्ड का वैष्णव कन्या विद्यालय शुक्रवार को खुला, लेकिन बच्चे पहुंचे कुल पांच। नौंवी तथा दसवीं के चार और बारहवीं की एक। 12वीं क्लास में मौजूद एकमात्र छात्रा को मैडम पढ़ाई भी करवा रही थीं। प्राचार्य ममता शुक्ला ने बताया, तैयारियां पूरी की हैं। एक क्लास में सिर्फ 14 बच्चियों को बैठाएंगे। आज जरूर बच्चे कम आए हैं, लेकिन आने वाले दिनों में बढ़ेंगे। टाइम टेबल भी ऐसा बनाया है कि टीचर ऑनलाइन क्लास भी ले सकें।
मालव कन्या : दो शिफ्ट में कक्षाएं, सुबह की शिफ्ट में केवल दो छात्राएं ही पहुंचीं

मालव कन्या विद्यालय के प्राचार्य एमएम तिवारी ने बताया स्कूल मेें 1300 छात्राएं हैं। पहले दिन सुबह की शिफ्ट में केवल दो और दोपहर में 15 छात्राएं आईं। टीचर्स ने छात्राओं के हाथ सैनिटाइज करवाए। पहले दिन पीटीएम भी होना थी, जिसमें पालकों को बच्चों के रिविजन टेस्ट के परिणाम बताने के साथ बोर्ड परीक्षाओं की जानकारी देना थी, लेकिन दो पालक पहुंचे।
आइडियल पब्लिक स्कूल बच्चे आएंगे तो पढ़ाएंगे
आइडियल पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल सौरभ पवार ने बताया, पालकों की लिखित सहमति जरूरी है। पहले दिन कई बच्चे खुद आकर अपना पत्र देकर गए हैं। जैसे ही पर्याप्त संख्या में छात्र हो जाएंगे, हम कक्षाएं शुरू करेंगे। कोर्स पूरा करवाने के लिए ये जरूरी भी है। सराफा कन्या विद्यालय की प्राचार्य शोभना देशपांडे ने बताया पालकों से सहमति पत्र बुलवाए हैं, इसलिए सोमवार से नियमित कक्षाएं लगाएंगे। छात्राएं आएंगी तो पढ़ाई भी करवाएंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/only-13-of-the-1300-girl-students-reached-the-government-school-instead-of-studying-in-most-of-the-cbse-schools-students-came-to-show-the-permission-letter-of-the-parents-128027368.html
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