ग्राम बिरोदा के लक्कड़ देव नाले में अचानक उफान से एक ही परिवार के पांच सदस्यों सहित बैलगाड़ी बह गई। तीन देवरानियां और देवर जान बचाकर बाहर निकल आए। तेज धार में बुजुर्ग जेठानी बह गई। दूसरे दिन उसका शव बैकवाटर में मिला।
बिरोदा का एक परिवार फल्लियां तोड़कर खेत से बैलगाड़ी पर मंगलवार शाम 4 बजे घर लौट रहा था। परिवार के बाबूसिंह ठाकुर आगे बैठकर बैलगाड़ी हांकते हुए चल रहे थे। पीछे भाभी कमला पति किसनसिंह, पत्नी संगीता पति बाबूसिंह, छोटे भाई की पत्नी निर्मला पति संपतसिंह और अनिता सुरेशसिंह ठाकुर बैठी थी। गांव से दो किमी पहले बीच रास्ते में तेज बारिश में लक्कड़ देव नाला आया। परिवार के पांचों सदस्य बैलगाड़ी से 15 फीट लंबी पुलिया पार कर रहे थे। तभी अंतिम छोर पर अचानक नाला उफनकर बह निकला। इसमें परिवार के पांचों सदस्य बैलगाड़ी सहित बह गए। बाबूसिंह बैलों की डोर पकड़कर बाहर निकल आए। संगीता, निर्मला और अनिता आसपास की झाड़ियां पकड़कर बच गई। 60 वर्षीय बुजुर्ग कमलाबाई बैलगाड़ी सहित नाले में बह गई। देररात तक महिला को ढूंढा। रात करीब 10 बजे लालबाग थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई।
अलसुबह सूरत से लौट आए महिला के दोनों बेटे - पांच साल पहले कमलाबाई के पति किसनसिंह की मौत हो गई थी। परिवार में दो बेटे दीपक और मनोज है। दोनों सूरत की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। सूचना पर दोनों भाई अलसुबह बिरोदा के घर लौट आए। दोपहर में गांव के मुक्तिधाम में मां का अंतिम संस्कार किया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/bullock-cart-overturned-in-drain-body-of-book-woman-found-on-second-day-127748577.html
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