Tuesday, September 8, 2020

अनाज मंडी समाप्त कर निजी मंडियों को अनुमति देने के कानून का किया विरोध

कोरोना महामारी के दौर में केंद्र सरकार लगातार किसान विरोधी, श्रमिक विरोधी कानून अध्यादेश बनाने व उन्हें लागू करने पर आमादा है। अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने कृषि उत्पादन विपणन व्यवस्था के बारे में अध्यादेश 2020 जारी किया है। जिस पर 5 जून को राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। यह कानून के रूप में पूरे देश में लागू होगा। इसमें कृषि उपज मंडीयों को समाप्त करने निजी मंडियों को अनुमति देने, मंडी के बाहर कहीं भी किसानों की फसल को बिना लाइसेंस के खरीदने, विवाद होने पर न्यायालय में कार्रवाई नहीं करने जैसे किसान विरोधी प्रावधान जोड़े गए हैं। इस कानून का देश के सैकड़ों किसान संगठन पुरजोर विरोध कर रहे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा ने भी इसका पुरजोर विरोध किया है। मध्य प्रदेश किसान सभा के नेतृत्व में गयाराम सिंह धाकड़, महेश प्रजापति सियाराम सिंह आदि ने इसके विरोध में अनाज मंडी के कर्मचारियों के समर्थन में मंडी सचिव को मंगलवार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें इस किसान और कर्मचारी विरोधी कानून को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक तिवारी ने कहा है यह अकेला कानून ही नहीं है। बल्कि ठेका खेती को अनुमति देने, आवश्यक वस्तु अधिनियम को संशोधित कर जमाखोरी की खुली छूट देने, बिजली कानून बनाकर बिजली की रेट डीजल की तरह बढ़ाने व निजीकरण करने संबंधी कानून भी इस दौरान अध्यादेश के जरिए लागू किए गए हैं।



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Opposed the law to allow private markets by abolishing the grain market


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/morena/news/opposed-the-law-to-allow-private-markets-by-abolishing-the-grain-market-127700820.html

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