आदर्श गांव बरखेड़ाकलां में मंगलवार को बकरियां चराने गईं तीन बच्चों की तालाब में डूबने के सदमे से परिजन अब तक उभर नहीं पाए हैं। सरकारी अस्पताल में पीएम कराने के बाद जब शव को वाहन में रखा तो पोस्टमार्टम करने वाले ने परिजन से एक हजार रुपए मांगे। यह सुन सांत्वना देने पहुंचे भाजपा नेता अागबबूला हो गए। बीएमओ से लेकर सीएमएचओ तक को खरी-खोटी सुनाई।
हालांकि बाद में परिजन को शव सुपुर्द कर दिया।
बरखेड़ाकलां निवासी जफर, साबिर और हुसैन की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। तीनों के शव को पीएम के लिए सरकारी अस्पताल लाए गए। जहां बीएमओ डॉ. देवेंद्र मौर्य व अन्य कर्मचारी ने पोस्टमार्टम किया। जब मृतकों के शव को एम्बुलेंस में रखा जा रहा था तभी पीएम करने वाले कर्मी ने परिवार से एक हजार रुपए मांगे। इसकी खबर परिवार को सांत्वना देने पहुंचे भाजपा नेताओं के कानों में पड़ी तो वे नाराज हो गए। जिला योजना समिति सदस्य अनिल भरावा ने कहा कि मृतक के परिजन से रुपए मांगना मानवता को शर्मसार करती है। भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रमसिंह आंजना ने कहा कि मृतक के परिजन पहले ही अपनों के खोने के दु:ख से उभरे नहीं और उनसे इस तरह रुपए मांगना गलत है। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
भास्कर पड़ताल: पोस्टमार्टम
के लिए स्थायीकर्मी नहीं और निजी को भुगतान भी कम
पीएम कर्मचारी को एक हजार रुपए क्यों मांगने पड़े, इसे लेकर भास्कर ने पड़ताल की। इसमें सामने आया कि अस्पताल में पीएम करने के लिए कोई स्थायी कर्मचारी नहीं है। बाहरी व्यक्ति से पीएम करवाया जाता है। पहले पीएम के लिए 50 रुपए और अभी 200 रुपए दिए जाते हैं।
जो मृत व क्षत-विक्षत शव के पीएम के मान से बहुत कम है। रोगी कल्याण समिति द्वारा प्रस्ताव कर कम से कम 500 रुपए तो दिए जा सकते हैं। मामले में बीएमओ डॉ. मौर्य ने कहा कि घटना बेहद निंदनीय है। ऐसे राशि मांगना गलत है। हम नियमानुसार राशि देते हैं। चूंकि इस काम के लिए स्थायीकर्मी नहीं है। अब रोगी कल्याण समिति में प्रस्ताव कर प्रति पोस्टमार्टम के लिए 500 रुपए तय करने का प्रयास करेंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/aalot/news/take-one-thousand-rupees-for-autopsy-and-take-the-dead-body-127704127.html
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