Saturday, September 5, 2020

हरदौली डैम के पानी में डूब गई जमीन, अधिग्रहित जमीन का नहीं मिला मुआवजा


नगर की पेयजल समस्या के निदान के लिए हरदौली जल आवर्धन योजना के तहत नगर पालिका ने डैम का निर्माण किया है। पांच महीने पहले ही डैम का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। डैम के एफटीएल तक पानी संग्रहित हो गया है। इसके साथ वेस्टवेयर से लगातार पानी निकल रहा है। डैम के डूब क्षेत्र में पानी भरा हुआ है। डैम की क्षमता के अनुरूप पानी संग्रहित हो चुका है।

इसके बाद भी अभी तक डैम के डूब क्षेत्र में गई 18 किसानाें की जमीन का अब तक मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजे की राशि के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। मुआवजे के लिए कभी किसान नगर पालिका के तो कभी तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। किसानों ने बताया डैम निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया है। अधिग्रहित जमीन पर नपा ने डैम का निर्माण कर लिया है। डैम निर्माण के समय किसानों को जल्द ही जमीन का मुआवजा मिलने की बात कही थी। अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। इस साल डैम में पानी संग्रहित होने से जमीन डूब गई है।

जिससे खेती भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में जमीन का जल्द मुआवजा दिया जाना चाहिए। मुआवजे के संबंध में नपा के अधिकारियों से चर्चा करने पर हर बार मुआवजे की प्रक्रिया अंतिम चरण में चलने की बात कही जाती है। पिछले डेढ़ महीने से मुआवजे के बदले आश्वासन ही मिल रहा है। किसानों ने मुआवजे की प्रक्रिया जल्द पूरी कर राशि खाते में जमा करने की मांग की है।


जमीन के बदले देना है 4 करोड़ 17 लाख रुपए मुआवजा : हरदौली डैम निर्माण के लिए ग्राम हरदौली, चैनपुर, खरसाली और थावरिया के 59 किसानों की कुल 65 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया है। जिसमें से 41 किसानों ने आपसी क्रय नीति के तहत जमीन की रजिस्ट्री कर मुआवजा प्राप्त कर लिया है। शेष 18 किसानों को 20 हैक्टेयर जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। जिसमें हरदौली के 8, खरसाली के 5, चैनपुर के 3 और थावरिया के 2 किसान शामिल हैं। उक्त किसानों की जमीन पर डैम का पानी और वेस्टवेयर का निर्माण किया है।
जमीन का अधिग्रहण भी नहीं किया और डूब गई जमीन : चैनपुर के किसान नरसिंग खाड़े ने बताया एक एकड़ जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बाद भी डैम के पानी में जमीन डूब गई है। इस संबंध में एसडीएम और नपा के अधिकारियों को जानकारी दी है।

इसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सुभाषराव खाड़े ने बताया 2.703 हेक्टेयर जमीन में से 1 हेक्टेयर जमीन का डैम निर्माण के लिए अधिग्रहण हुआ है। अधिग्रहित जमीन के अलावा शेष जमीन में भी डैम का पानी भरा गया है। हरदौली के पंजाब फरकाड़े ने बताया उनकी जमीन नदी के किनारे स्थित है। उक्त जमीन का अधिग्रहण नहीं हुआ है। अब ठेकेदार उनकी जमीन से पहाड़ी का पानी निकालने के लिए नाली का निर्माण कर रहा है।


इंटेकवेल के लिए जगह नहीं हुई चिन्हित : डैम के पास इंटेकवेल का निर्माण किया जाना है। इंटेकवेल के लिए अभी तक जगह का निर्धारण नहीं हुआ है। जगह निर्धारण करने के बाद जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इंटेकवेल के लिए पांच हजार वर्गफीट जमीन की आवश्यकता है। यह जमीन डैम के समीप की ही हाेगी। अभी तक नपा ने इंटेकवेल के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू नहीं की है। जिससे डैम के तहत पीएचई घटक का निर्माण कार्य शुरू होने पर इंटेकवेल का कार्य शुरू नहीं हो पाएगा।


जल्द मिलेगा किसानों को जमीन का मुआवजा : नपा के उपयंत्री धीरेंद्र राठौर ने बताया 18 किसानों को जमीन के एवज में मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया चल रही है। जमीन अधिग्रहण के संबंध में धारा 21 का प्रकाशन कर दावे, आपत्ति मंगाई गई थी। कुछ किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई है। जिसका भूअर्जन अधिकारी द्वारा निराकरण किया जा रहा है।


कुछ किसानाें के दस्तावेजी काम बाकी : दावे आपत्ति के निराकरण के बाद किसानों के खातों में मुआवजा राशि डाली जाएगी। उन्होंने बताया कुछ किसानों के भूमि दस्तावेजों में फौती नामांतरण नहीं हुए थे। जिससे भी मुआवजा देने में देरी हो रही है।



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Land drowned in Harduli Dam's water, compensation for the land acquired was not received


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/multai/news/land-drowned-in-harduli-dams-water-compensation-for-the-land-acquired-was-not-received-127690678.html

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