Friday, September 4, 2020

कलेक्टर प्लांट पहुंचे, बोले-20 दिन में व्यवस्थाएं सुधारो नहीं तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहो


मोहनपुरा वॉटर फिल्टर प्लांट की मोटर एकबार फिर जल गयी है, यह मोटर छह दिन पहले सुधरने के लिए अहमदाबाद भेजी गयी थी, छह दिन बार सुधरकर आई और एक दिन में फिर जल गयी, प्लांट पर बार-बार आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण शहर में आए दिन पानी की सप्लाई बाधित हो रही है, इसी मामले को लेकर कलेक्टर नीरज कुमार सिंह शुक्रवार को प्लांंट पर पहुंचे और ठेका कंपनी के जिम्मेदारों को अल्टीमेटम दिया कि बीस दिन के भीतर यह तमाम तकनीकी खामियों का निराकरण होना चाहिए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
मोहनपुरा वॉटर फिल्टर प्लांट का प्रोजेक्ट नगर पालिका परिषद के साथ-साथ आम लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है, लगभग दो साल पहले इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गयी थी, जिसके तहत यहां प्लांट से पानी फिल्टर होकर शहर में सप्लाई होना था, प्लांट जब से शुरू हुआ है तब से आए दिन कोई न कोई तकनीकी समस्या के कारण शहर में पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। कलेक्टर श्री सिंह वॉटर फिल्टर प्लांट पर पहुंचे और संबंधित ठेका कंपनी के जिम्मेदारों से कारण पूछा, वे यहां लगभग एक घंटे रुके।

प्लांट का बारीकी से किया निरीक्षण, ठेका कंपनी के लोग भी रहे मौजूद
कलेक्टर श्री सिंह शुक्रवार को दोपहर बाद लगभग साढ़े चार बजे प्लांट पहुंचे, यहां वे लगभग एक घंटे रुके, इस दौरान उन्होंने प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया।

मौके पर मौजूद ठेका कंपनी के अधिकारियों से चर्चा की। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि बीस दिन में व्यवस्थाएं ठीक की जाएं, अन्यथा धारा 133 के तहत संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पर ठेका कंपनी के अधिकारियों ने कलेक्टर को भरोसा जताया। इस दौरान कलेक्टर ने यह भी कहा कि शहर में पानी सप्लाई के दौरान बहुत मटमैला पानी पहुंच रहा है, इसका भी निराकरण होना चाहिए। कलेक्टर ने फिल्टर प्लांट की स्थिति भी देखी। इस दौरान नगर पालिका परिषद के सीएमओ पवन अवस्थी, प्लांट के मैनेजर बादल डोंगरे, इंजीनियर अंकित सिंह, विजेंद्र सिंह परिहार आदि मौजूद थे।

छह दिन पहले जली थी मोटरें, लोग हुए परेशान
बता दें कि प्लांट की दो मोटरें छह दिन पहले जल गयी थीं, इन्हें ठीक करवाने के लिए अहमदाबाद भेजा गया था, वहां से देरी होने के कारण नगर पालिका ने खुद की एक मोटर प्लांट पर लगवाकर शहर में पानी की सप्लाई शुरू करवाई थी, हालांकि इससे विधिवत सप्लाई में बाधा आई थी, इधर सीएमओ अवस्थी लगातार कंपनी के सम्पर्क में बने हुए थे और उन्होंने ठेका कंपनी को एक पत्र भी लिखा था जिसमें यह कहा गया था कि कंपनी द्वारा प्लांट पर अतिरिक्त मोटरों की व्यवस्था की जाए ताकि मोटरें जलने की स्थिति में शहर में पानी की सप्लाई बाधित न हो।

ठेका कंपनी के पास इसलिए भेजना पड़ता है अहमदाबाद
सीएमओ अवस्थी के मुताबिक प्लांट के रखरखाव की जिम्मेदारी अभी तीन साल तक संबंधित ठेका कंपनी के पास ही है, कंपनी का मुख्य आफिस अहमदाबाद है और प्लांट के ज्यादातर पार्ट्स खराब होने के बाद यहां मतलब भोपाल, इंदौर में भी ठीक नहीं होते, ऐसे में मोटरें जलने की स्थिति में हर बार अहमदाबाद ही भेजना पड़ती है, वहां से मोटर पहुंचने और सुधरकर आने में कम से कम तीन दिन लग जाते हैं।
बिजली कटौती के कारण भी हो रही सप्लाई बाधित
19 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में एक मोटर जलने का ही इश्यू नहीं है, यहां कभी मोटरें जलने के कारण तो कभी बिजली कटौती के कारण भी शहर में पानी की सप्लाई बाधित होती है। कलेक्टर श्री सिंह जब प्लांट पर निरीक्षण के लिए पहुंचे तो ठेका कंपनी के अधिकारियों ने कलेक्टर को बिजली कटौती का भी इश्यू बताया।



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Collector reached the plant, said, if not improve the arrangements in 20 days, then be ready for legal action


source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/rajgarh/news/collector-reached-the-plant-said-if-not-improve-the-arrangements-in-20-days-then-be-ready-for-legal-action-127687214.html

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