खरीफ की प्रमुख सोयाबीन फसल का बीमा करने में पोर्टल ने ऑनलाइन नई अड़चन पैदा कर दी है। जिले के 50 से ज्यादा हलकों में सोयाबीन फसल का नाम फसल बीमा के पोर्टल पर ही दर्ज नहीं है। ऐसे में इन हलकों के किसानों की प्रीमियम जमा होने के बाद भी बैंक अधिकारी इनकी ऑनलाइन एंट्री नहीं कर पा रहे हैं।
इसमें जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो 15 सितंबर के बाद इन हलकों के किसानों की फसल का बीमा ही नहीं हो पाएगा।
जिले के 3 लाख हेक्टेयर में खड़ी सोयाबीन फसल इस साल पीला मोजेक व अन्य बीमारी से खराब हो गई। खराब होती फसल को देख कई किसानों ने 31 अगस्त तक बैंक पहुंचकर बीमा करा लिया।
फसल बीमा के लिए प्रीमियम चुकाने के बाद किसान बेफिक्र हो गए, लेकिन सोसायटी व बैंक अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। बैंक ने प्रीमियम तो जमा कर ली, लेकिन कर्मचारी इनकी ऑनलाइन एंट्री नहीं कर पा रहे हैं, जबकि बीमा पोर्टल पर 15 सितंबर तक हर हाल में एंट्री की जाना है।
बैंककर्मी चार दिन से परेशान
फसल बीमा का प्रीमियम चुकाने वाले किसानों की फसल बीमा पोर्टल पर एंट्री करने के लिए बैंक व सोसायटी अधिकारी पिछले तीन दिनों से परेशान हो रहे हैं। पोर्टल पर कई हलकों में फसल नहीं दर्शाने की वजह उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सूचना भी दी। लेकिन इसके बाद अब तक वरिष्ठ अधिकारियों ने इसमें सुधार करने के लिए पहल तक नहीं की।
मामले की जानकारी लेकर जल्द सुधार कराया जाएगा
कलेक्टर मनोज पुष्प ने बताया कि फसल बीमा के पोर्टल पर यदि कई हलकों में फसल नहीं दर्शाई गई है, तो इसकी जानकारी ली जाएगी। ऐसे सभी हलकों की पहचान कर जल्द से जल्द सुधार कराया जाएगा। ताकि समय पर सभी हलकों के किसानों की ऑनलाइन एंट्री की जा सके।
पोर्टल पर समस्या आ रही है
फसल बीमा पोर्टल पर जिन हलकों में सोयाबीन फसल नहीं दर्शाई गई है, उन हलकों के किसानों की संबंधित सोसायटी प्रबंधक पोर्टल पर एंट्री नहीं कर पा रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर जल्द से जल्द सुधार करवाएंगे, ताकि प्रीमियम चुकाने वाले सभी किसानों की पोर्टल पर एंट्री हो जाए।
पीएन यादव, उपायुक्त सहकारिता
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/mandsaur/news/by-september-15-the-details-of-farmers-and-crops-will-be-recorded-on-the-portal-the-work-of-more-than-50-circles-of-the-district-remains-127697369.html
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