किसानाें ने पांच दिन में दाे बार देवास-भाेपाल स्टेट हाईवे पर चक्काजाम किया। भुवनेश्वरी खरीदी केंद्र में जगह नहीं होने के कारण शुक्रवार काे यहां तुलाई बंद कर दी गई थी। इसके बाद गुस्साए किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। किसानाें का अाराेप था कि रात में नेताअाें का माल तुल
रहा है और हमारी उपज के लिए जगह नहीं है। हम आठ-आठ दिन से उपज तुलने के इंतजार में कतार में लगे हैं। इसके बावजूद हमारी उपज तुल ही नहीं रही है। एक घंटे के जाम करने के बाद तहसीलदार नेउन्हें एसडीएम से मिलकर समस्या हल का करने का आश्वासन दिया। तब जाकर किसान माने।
हाईवे स्थित भुवनेश्वरी खरीदी केंद्र पर शुक्रवार काे एक बार फिर किसानों ने हंगामा कर दिया। गुस्साए किसानाें ने सुबह 11.20 स्टेट हाईवे जाम कर दिया व रोड पर बैठ गए। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन किसान उच्च अधिकारियों से बात करने पर ही अड़े रहे। इसके बाद तहसीलदार जीएस पटेल पहुंचे। उन्हाेंने किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे कोई बात मानने को तैयार ही नहीं थे। एक किसान ने 29 मई का टोकन भी दिखाया, लेकिन उसकी उपज की खरीदी ही नहीं हुई। तहसीलदार ने उन्हें समझाते हुए कहा कि आप पहले सड़क से उठ जाएं। किसी भी समस्या का हल चक्काजाम नहीं हो सकता। प्रशासन और किसान दोनों मिलकर इस समस्या का हल निकालेंगे। किसान फिर भी नहीं माने। इसी बीच एसडीओपी निर्भयसिंह अलावा भी आ गए। उन्होंने ने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। किसान लगातार एसडीएम से मिलने पर अड़े रहे। तहसीलदार ने कहा कि सड़क से हट जाएं और एसडीएम अनाज मंडी में ही हैं वहां चलकर बात कर लेते हैं। इस पर भी कुछ किसान राजी हुए कुछ नहीं। चक्काजाम खुलवाने पर एक किसान तहसीलदार पर हावी होने लगा व ट्रैक्टर-ट्रॉली को हटाने से मना कर दिया। इस पर उस किसान को सख्त लहजे में कहा कि आप अकेले ही नहीं मान रहे हैं। आप पर मुझे प्रकरण दर्ज करवाना पड़ेगा। इसी बीच दूसरे किसानों ने उसे समझाया व दाेपहर करीब 12.20 चक्काजाम खत्म हुअा। रोड खाली करवाकर तहसीलदार-एसडीओपी उन्हें लेकर जा रहे थे तब किसान फिर आक्रोशित हो गए और मंडी के पीछे फिर जाम करने लगे। इस पर तहसीलदार और एसडीओपी ने उन्हें धक्के दे-देकर रोड से हटवाया व मंडी के अंदर जाने के लिए कहा। आंदोलन को खत्म कर तहसीलदार व एसडीओपी मंडी पहुंचे। यहां एसडीएम से मिले। एसडीएम अंकिता जैन को बताया कि केंद्र पर खरीदी नहीं हो रही है। कुछ देर तक चर्चा चलती रही। इस पर अलग-अलग केंद्रों के दो किसानों को मिलने के लिए मंडी सचिव कार्यालय में बैठक ली गई। इसमें चर्चा करते हुए हल निकला कि अनाज मंडी में ही चार तौल कांटे शुरू किए जाएंगे। इधर शासन ने फ्लैट कांटे से तुलाई बंद कर दी है।
एसडीएम काे शिकायत- रात में बगैर नंबर के तुल गई 20 ट्राॅलियां
एसडीएम जैन को शिकायत प्राप्त हुई थी कि रात में करीब 20 ट्रॉलियां बगैर नंबर के तुल गई। इसे लेकर एसडीएम अनाज मंडी कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने प्रबंधकों की मीटिंग ली। गेहूं तुलाई से लेकर उनके स्टोरेज करने की व्यवस्था करने के लिए विभिन्न सुझाव मांगे गए हैं। इसी बीच सोनकच्छ सोसायटी के उपाध्यक्ष पर आरोप लगा कि उन्होंने अपने मिलने-जुलने वालों की उपज तुलवा दी। टोकन किसने दिए इस पर सोसायटी ऑपरेटर को बुलाया गया। उसने बोला कि उपाध्यक्ष के कहने पर टोकन दिए थे। इस पर एसडीएम ने भड़कते हुए कहा कि उपाध्यक्ष कौन होते हैं। उनके कहने पर टोकन दे दिए गए। जब चर्चा चल ही रही थी कि ऑपरेटर इधर-उधर किसी को फोन लगाने लग गया। इस पर एसडीएम ने फटकार लगाते हुए कहा कि किसी को भी फोन लगाने की जरूरत नहीं है।
हाईवे पर किसान चक्काजाम कर रहे थे। इसी बीच जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के आने की सूचना पुलिस को वायरलेस सेट पर मिली। इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई। मंत्री का थाना क्षेत्र में प्रवेश हुआ। मंत्री आंदोलन देखते हुए नगर के अंदर एमजी रोड से निकले। एमजी रोड पर मंडी के पास सौ मीटर दूरी पर रह रहे एक नेता के निवास पर रूके। जब किसान आंदोलन कर रहे थे तब मंत्री नेता के यहां हंसी-ठिठोली कर चाय की चुस्कियां ले रहे थे। इस मामले को लेकर विपक्ष के नेताओं ने उन्हें बुरी तरह से घेरा।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/dewas/news/the-farmers-who-are-doing-the-rounds-said-at-night-the-goods-of-the-leaders-are-depleted-and-there-is-no-place-for-our-produce-127380049.html
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