Monday, June 8, 2020

बसों के नहीं चलने से सवारियाँ परेशान ऑपरेटर्स टैक्स माफी की जिद पर अड़े

रोजाना सैकड़ों सवारियाँ आईएसबीटी के चक्कर लगा रही हैं और बसें न चलने से मायूस होकर वापस लौट रही हैं। शासन के आदेश के बावजूद बस ऑपरेटर्स बसें चलाने राजी नहीं हैं। ऑपरेटर्स ने लॉकडाउन अवधि का टैक्स माफ करने सहित अपनी 9 सूत्रीय माँगें शासन के समक्ष रखी हैं जब तक वे माँगें पूरी नहीं होंगी, तब तक ऑपरेटरर्स बसें नहीं चलाएँगे।
इस संबंध में बस ऑपरेटर्स ऐसोसिएशन के अध्यक्ष पिंटू तिवारी का कहना है कि शासन ने 50 प्रतिशत सवारियों के साथ बसें चलाने का आदेश जारी किया है। ऐसा करने पर बसों का खर्च निकालना भी मुश्किल होगा। इधर शासन बसों का टैक्स भी माफ नहीं कर रही है। जबकि दूसरे राज्यों की सरकारों ने लॉकडाउन पीरियड में बसों का टैक्स माफ कर दिया है। बसों का संचालन 21 मार्च से बंद है। बस ऑपरेटर्स को वैसे भी बहुत नुकसान हो रहा है।

8 से 10 हजार जेब से खर्च करने होंगे
बस ऑपरेटर्स की मानें तो 50 प्रतिशत सवारियों के साथ बसें चलाकर वे और अधिक नुकसान नहीं उठाना चाहते, इससे तो अच्छा है कि गाड़ियाँ खड़ी रहें। क्योंकि शासन के आदेशानुसार बसें चलाने से उन्हें रोज 8 से 10 हजार रुपए अपनी जेबों से खर्च करने पड़ेंगे। इधर शासन बस ऑपरेटर्स पर लॉकडाउन पीरियड का टैक्स जमा करने भी दबाव बना रही है। यह ज्यादती ऑपरेटर्स सहने तैयार नहीं हैं।

रोजाना 6 सौ बसों का संचालन
आईएसबीटी से रोजाना 6 सौ बसों का संचालन होता है। खासकर उन शहरों में जहाँ ट्रेनों से पहुँच बनाना संभव नहीं है वहाँ लोग बसों से ही सफर करना ज्यादा पसंद करते हैं। दमोह, सागर, कटनी, सिहाेरा, सतना, पन्ना, टीकमगढ़, मंडला, डिण्डौरी, नरसिंहपुर आदि स्थानों को जाने वालीं बसें हमेशा ही सवारियों से पैक रहती हैं। लेकिन लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद भी बसों का संचालन न होना, सवारियों को खासी दिक्कत दे रहा है।

ये हैं बस ऑपरेटर्स की मुख्य माँगें
> लॉकडाउन अवधि का टैक्स माफ किया जाए, साथ ही जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए टैक्स न लिया जाए।
> शेष 50 प्रतिशत सवारियों का अनुदान प्रत्येक बसों को दिया जाए, ड्राइवर-कंडक्टर को 5 हजार रुपए प्रतिमाह की सहायता दी जाए।
> केन्द्र सरकार के 20 लाख के पैकेज में से इस व्यवसाय को लघु मध्यम उद्योग मानकर बस ऑपरेटर्स की आर्थिक मदद दी जाए।
> फाइनेंस बसों को ब्याज मुक्त किया जाए, प्रत्येक मार्ग पर बसों के परमिटों की संख्या का निर्धारण किया जाए।
> परमिट नवीनीकरण की शर्तों को स्थिति सामान्य होने तक शून्य किया जाए, लॉकडाउन अवधि में बसों की बीमा अवधि को बढ़ाया जाए।पी-2



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Passengers upset due to buses not running


source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/passengers-upset-due-to-buses-not-running-127390758.html

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