क्वारेंटाइन सेंटर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा रविवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर) के हॉस्टल नंबर 6 के रूम के ताले तोड़े गए। सूत्रों के अनुसार इंस्टीट्यूट प्रशासन ने कहा था कि सिर्फ एक हॉस्टल की बात हुई थी, इंस्टिट्यूट भी खुलना है, इसलिए अब दूसरा हॉस्टल नहीं लें।
इस पर जिला प्रशासन ने कहा कि यदि आप खाली नहीं करेंगे तो हम खाली करा लेंगे। जिला प्रशासन ने शनिवार शाम को एक अन्य हॉस्टल लेने की बात कही और रविवार दोपहर में हॉस्टल के कमरों के अपने ही कर्मचारियों से ताले तुड़वाने शुरू कर दिए। हालांकि इस दाैरान इंस्टीट्यूट की सिक्योरिटी और केयरटेकर्स भी मौजूद रहे। इसे लेकर स्टूडेंट्स में नाराजगी है। उनका कहना है कि हॉस्टल के रूम में उनकी जरूरी सामग्री रखी हुई है। ताले तोड़ने से पहले इंस्टीट्यूट ने उन्हें बताना भी जरूरी नहीं समझा।
मेल भेजा... यदि सामान में गड़बड़ी हुई तो इंस्टीट्यूट होगा जिम्मेदार
हॉस्टल-6 के रिप्रेजेंटेटिव जय कुमार ने डीन स्टूडेंट्स अफेयर्स को ईमेल किया है। इसमें कहा है कि यदि कमरों के ताले तोड़े गए हैं तो सभी स्टूडेंट्स के सामान को सुरक्षित किया जाए। यदि कुछ भी मिसप्लेस होता हतो इसके लिए इंस्टीट्यूट जिम्मेदार होगा।
स्टूडेंट्स बोले... तीन से चार दिन पहले देनी चाहिए थी जानकारी
स्टूडेंट्स का कहना है कि यह संकट की घड़ी है, यह सही है, लेकिन बिना जानकारी दिए कार्रवाई करना गलत है। 3 से 4 दिन पहले जानकारी देकर व्यवस्थित तरीके से कार्रवाई की जानी चाहिए थी, ताकि सभी स्टूडेंट्स अपना सामान ले जा सकते।
^ जिला प्रशासन ने पूरा कैंपस अधिग्रहित कर रखा है। दो सप्ताह पहले कलेक्टर के साथ हुई मीटिंग में बताया था कि यहां पर रिसर्च वर्क चल रहा है, इसलिए एक ही हॉस्टल लीजिए, लेकिन उन्हें और हॉस्टल की जरूरत है। इसलिए उनकी मदद की जा रही है। इसकी जानकारी एमएचआरडी को भेज दी गई है। -प्रो. शिवा उमापति, डायरेक्टर आइसर
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/news/the-rooms-at-isers-hostel-6-break-the-locks-of-the-building-of-the-quarantine-center-127386968.html
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