दर्द से कराहती सात महीने की गर्भवती काे परिजन 17 जून काे जेपी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डाॅक्टराें ने साेनाेग्राफी कराई ताे बच्चे की माैत हाे चुकी थी। डाॅक्टराें ने 4 दिन बाद भी जब डिलीवरी नहीं कराई ताे परिजनाें ने डाॅक्टराें से पूछताछ की। तब गुस्साई डाॅक्टर ने परिजनाें काे डपटकर कहा कि पेशेंट काे सुल्तानिया या किसी और अस्पताल ले जाओ।
डाॅक्टराें के इस व्यवहार से आहत परिजनाें ने जब अस्पताल में हंगामा किया, तब कहीं जाकर शनिवार काे नाॅर्मल डिलीवरी कर मृत बच्चे काे बाहर निकाला गया। यह जीवनभर न भूलने वाली पीड़ा अवधपुरी स्थित बीडीए काॅलाेनी निवासी 23 वर्षीय माेहिनी कुंडे की है। माेहिनी के बहनाेई धर्मेंद्र बमनेरे ने बताया कि 17 जून की सुबह माेहिनी काे जेपी अस्पताल लेकर आए थे। दाेपहर में करीब एक बजे डाॅक्टराें ने बच्चे की पेट में ही माैत हाेने की बात बताई । शनिवार दाेपहर में हालत गंभीर बताते हुए सुल्तानिया ले जाने की बात कही। परिजन ने शाेर मचाया ताे सिविल सर्जन डाॅ. आरके तिवारी माैके पर पहुंचे और डाॅक्टराें काे बुलवाया। माेहिनी की नाॅर्मल डिलीवरी कराकर मृत बच्चे को निकाला।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/news/pregnant-baby-in-the-stomach-the-doctor-said-after-4-days-take-it-elsewhere-127431904.html
No comments:
Post a Comment