मंदसौर. शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाले तेलिया तालाब को बचाने की कवायद प्रशासन द्वारा की जा रही है। कलेक्टर, एसपी व अधिकारियों द्वारा तालाब का निरीक्षण कर योजना तैयार की जा रही है। कलेक्टर का कहना है कि सबसे पहले और अतिक्रमण ना हो उसकी रोकथाम के प्रयास किए जाएंगे। इसके बाद शॉर्ट टाइम कार्रवाई व उसके बाद लांग टाइम (लीगल समस्या को खत्म करने का) प्रयास किया जाएगा। कलेक्टर ने अतिक्रमण के साथ विकास पर भी चर्चा की।
कलेक्टर मनोज पुष्प ने एसपी हितेश चौधरी के साथ नपा सीएमओ सविता प्रधान व जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सुधीर वागेला व अन्य अधिकारियों के साथ तेलिया तालाब का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने तालाब के पिकनिक स्पॉट पर अधिकारियों के साथ तालाब के जल भराव, डूब जमीन की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कलेक्टर के सामने तालाब का नक्शा प्रस्तुत कर पूरी जानकारी दी। नक्शे में रेड एफटीएल लाइन (फूल टैंक लेवल यानी इतने एरिया में सामान्य रूप से पानी भरा रहेगा) एवं येलाे लाइन एमडब्ल्यूएल (मेक्जिमम वॉटर लेवल) की जानकारी दी। रेड लाइन के अंदर पानी होना चाहिए व एमडब्ल्यूएल वह एरिया है जिसमें वेस्टवियर फूल चलने पर पानी भरा रहता है।
सीएमओ सविता प्रधान ने कलेक्टर व अन्य अधिकारियों को कन्या महाविद्यालय की बाउंड्रीवाॅल के पीछे की स्थिति से अवगत कराया। यहां अतिक्रमणकर्ताओं ने करीब 2 किमी का अस्थाई मार्ग तक तैयार कर लिया है। सीएमओ ने कलेक्टर को बताया कि हर साल गर्मी में धीरे-धीरे लोग कब्जा कर रहे हैं। कलेक्टर ने नक्शे के अनुसार तालाब में मिलने वाले नाले की चौड़ाई की जानकारी भी मांगी। कलेक्टर ने कहा कि नाले के दोनों तरफ से कब्जा किया जा सकता है, इसे भी चिह्नित करें।
जमीन में मुआवजे की जानकारी नहीं
रेड लाइन के अंदर भी कब्जे पर कलेक्टर ने कहा इसके अंदर कैसे निर्माण हो रहा है। सीएमओ ने बताया कि तालाब बनाने के बाद अब तक अधिग्रहण में कई लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया है। जबकि जलसंसाधन के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि रेड लाइन के अंदर के एरिया का मुआवजा दिया होगा। वह अधिग्रहण के समय ही दिया जाता है। सीएमओ ने कहा कि इसी कारण तकनीकी समस्या आ रही है। इस पर कलेक्टर ने जल्द तकनीकी जांच कराकर समस्या का समाधान निकाल कर उचित कार्रवाई की बात अधिकारियों से कही।
विकास का भी प्लान बनाने को कहा
कलेक्टर ने तेलिया तालाब की जमीन के चारों तरफ अधिक से अधिक विकास करने के लिए प्लान बनाने की बात कही। जिससे भविष्य में अतिक्रमण ना हो सके। कलेक्टर ने अभी सीएमओ को पिकनिक स्पॉट से ऋषियानंद कुटिया तक पाल को मिलाते हुए पॉथवे बनाने को कहा। वहीं कन्या महाविद्यालय के पीछे पाल बना कर साइकलिंग अाैर ट्रैकिंग व अन्य व्यवस्था पर काम करने की बात कही। जिसे भविष्य में अमल में लाया जाएगा।
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source https://www.bhaskar.com/mp/ratlam/news/exercise-to-save-telia-pond-called-lifeline-of-the-city-126403725.html
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