Sunday, December 29, 2019

5 करोड़ खर्चे फिर भी वीरान पड़ा है फेफरिया टापू

बीड़.पर्यटन विकास निगम द्वारा हनुवंतिया से 6 किमी दूर फेफरिया टापू को विकसित किया गया है। इस कार्य पर निगम ने 5 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। दो करोड़ रुपए तो यहां तक सिर्फ बिजली पहुंचाने पर ही खर्च किए गए। तीन करोड़ से रैंप, भवन, बोट क्लब आदि बनाए गए। इतना खर्च होने के बाद भी यहां वीरानी छाई हुई है। निगम चाहता तो जल महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को यहां भेज कर कमाई कर सकता था।
चारों ओर बैक वाटर से घिरे इस टापू पर सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नजर पड़ी थी। यहां तक पहुंचने का रास्ता सिर्फ जल मार्ग ही है। उन्होंने यहां पहुंचकर रात भी बिताई थी। वन विभाग ने यहां उनके लिए अस्थायी कॉटेज लगाए थे। इसके बाद ही उन्होंने यहां पर्यटन विकास की घोषणा की थी। पर्यटन निगम ने तत्काल 5 करोड़ का बजट पास कराया। निर्माण कार्य भी हुए। बिजली पहुंचाई गई। यह काम पूरा हुए एक साल गुजर चुका है, लेकिन निगम ने इधर पलटकर नहीं देखा। टापू के मवेशी इन भवनों में गंदगी कर रहे हैं। मैदान पर घास उग आई है। फर्श टूट-फूट रही है। चारों और पानी भरा होने से कोई अफसर भी यहां नहीं पहुंच पाते।
400 एकड़ में फैला है टापू
पूर्व सीएम की रुचि और पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से वन विभाग ने 400 एकड़ में फैले टापू पर कुछ जंगली जानवर भी छोड़े थे। इनमें चीतल, भालू, बारह सिंगा, नील गाय, बंदर आदि हैं। प्रचार-प्रसार नहीं होने से पर्यटकों को इस टापू की जानकारी ही नहीं है। यदि निगम यहां व्यवस्थाएं जुटाएं तो पर्यटकों का आवागमन हो सकता है।


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फेफरिया टापू पर बनाए भवनों के बीच सूखी झाडिय़ां खड़ी हैं।


source https://www.bhaskar.com/mp/khandwa/news/5-crore-expenses-are-still-deserted-126407188.html

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