नगर निगम द्वारा गत एक दिसंबर से बढ़ाए गए बिल्डिंग परमिशन (भवन अनुज्ञा) चार्ज पर कलेक्टर और निगम प्रशासक गोपालचंद्र डाड ने रोक लगा दी है। शनिवार से पूर्व निर्धारित शुल्क के अनुसार निर्माण अनुमति मिलना शुरू हो जाएगी। नागरिकों से मिले फीडबैक के बाद
विधायक चेतन्य काश्यप बिल्डिंग परमिशन शुल्क कम करने को लेकर कलेक्टर से बात की थी। 17 दिसंबर को पत्र भी भेजा था। शहरवासियों की सुविधा को देखते हुए कलेक्टर ने बढ़े हुए भवन अनुज्ञा शुल्क को स्थगित कर दिया है। इससे पहले करीब 30 साल पहले 1991-92 में निगम परिषद ने मलबा टैक्स और भूमि उपयोग शुल्क को बढ़ाते हुए नए भवन निर्माण अनुमति शुल्क का निर्धारण किया था। नवंबर में बिल्डिंग परमिशन शुल्क को रिवाइस करके दिसंबर से नई दर लागू की थी। इससे शुल्क 5000 से बढ़कर 50 हजार पहुंच गया था।
48 से ज्यादा ने मना कर दिया था शुल्क भरने से : दिसंबर निगम में इंजीनियर फर्म के मार्फत ऑनलाइन लगभग 62 प्रकरण आए थे। इनमें से कुछ ने बढ़ा शुल्क भरकर अनुमति ले ली, जबकि 48 से ज्यादा ने भारी भरकम शुल्क भरने से मना कर दिया था। बढ़े हुए शुल्क पर रोक लगाने के बाद अब ये लोग पूर्व निर्धारित शुल्क भरकर अनुमति ले सकेंगे।
14 लोग भर चुके बढ़ा हुआ शुल्क, कैसे रिफंड होगा
प्रशासक द्वारा बढ़े हुए बिल्डिंग परमिशन शुल्क पर रोक लगाने के बाद अब निगम के सामने नई चुनौती आ गई है। दिसंबर में बढ़ा हुआ चार्ज भरकर 14 लोग निर्माण अनुमति ले चुके हैं। अब चूंकि कलेक्टर ने इस पर रोक लगा दी है तो लोगों को वापस रिफंड करना होगी।
पहले यह था परमिशन चार्ज
{मलबा टैक्स -अधिकतम 2500 रुपए, {भूमि उपयोग शुल्क : अधिकतम 1000 रुपए।
एक दिसंबर से नया चार्ज
{मलबा टैक्स - एस्टीमेट कास्ट का 1 प्रतिशत, {भूमि उपयोग शुल्क : एस्टीमेट कास्ट का 1 प्रतिशत।
^शुल्क वृद्धि विसंगतिपूर्ण तरीके से की गई थी। जनसुविधा की दृष्टि से इसे युक्तियुक्त कर कम करने की मांग की गई थी। इस पर रोक लगने से लोगों को राहत मिलेगी। -चेतन्य काश्यप, विधायक
^एक दिसंबर से भवन अनुज्ञा शुल्क में बढ़ोतरी की थी, उसे स्थगित कर दिया गया है। जनता की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया है। अब पुराने शुल्क पर भी अनुमति दी जाएगी। - गोपालचंद्र डाड, कलेक्टर
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/prohibition-on-increased-charge-of-building-permit-128078351.html
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