आचार्य चाणक्य के अनुसार राजा को धर्म और जाति से ऊपर उठकर समभाव में रहना चाहिए। राजा बनना एक अधिकार नहीं बल्कि कर्तव्य का नाम है। यह विचार विधायक चेतन्य काश्यप ने सर्व ब्राह्मण समाज के आचार्य चाणक्य स्मृति दिवस पर हुए व्याख्यान कार्यक्रम में रखे। मुख्य वक्ता तेजराम मांगरोदा ने कहा कि आचार्य चाणक्य आने वाली विपत्तियों को पहले ही भांप लेते थे। संयोजक पुष्पेंद्र जोशी ने भी संबोधित किया। सर्व ब्राह्मण समाज ने विधायक का अभिनंदन भी किया। पं. रामचंद्र शर्मा, पातीराम शर्मा, प्रकाश व्यास, प्रेम उपाध्याय, कन्हैयालाल मौर्य, लालचंद टांक, प्रभाकांत उपाध्याय, सत्यनारायण पालीवाल, विजय शर्मा, मनकामनेश्वर जोशी, सुशील नागर, हितेश कामरेड, नंदकिशोर उपाध्याय, सत्येन्द्र जोशी, भवानी शंकर मोड़, गौरीशंकर खींची, नर्मदा शंकर भट्ट, सत्यदीप भट्ट, सुरेश जोशी, जितेंद्र भट्ट, हरिवंश शर्मा, बद्रीलाल शर्मा, राजेंद्र दुबे, जनक नागल आदि उपस्थित रहे। संचालन बृजेंद्र नंदन मेहता ने किया। आभार पं. रामचंद्र शर्मा ने माना।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/to-be-king-is-not-a-name-but-a-duty-kashyap-128110603.html
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