Sunday, January 10, 2021

संगठन, अंत्योदय से आत्मनिर्भरता तक का मुकाम तपस्या का नतीजा

आजाद भारत में कांग्रेस सरकार में पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक मात्र मंत्री रहे हो, लेकिन सत्ता की विचारधारा से भिन्न थे। उन्होंने आरंभ से कश्मीर समस्या समाधान पर प्रयास किए, लेकिन तुष्टिकरण की राजनीति ने समस्या को निरंतर गंभीर बना दिया। हालांकि पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी व ग्रह मंत्री अमित शाह के निर्णय से धारा 370 हटाए जाने से इस मामले को अब सही दिशा मिली है। 1980 में 2 और 1984-85 में 0 सीट वाली भाजपा ने 30 वर्ष लगातार विचारधारा से संगठन, जमीनी अंत्योदय स्तर पर के लक्ष्य से काम किया। इसी वजह से पहले पूर्ण बहुमत और फिर आत्मनिर्भरता को ओर देश को बढ़ा रही है। भाजपा संगठन में शून्य से शिखर का यह सफर राष्ट्रवाद की दृष्टि से तपस्या से कम नहीं है। यह सफर अभी आगे भी निरंतर जारी रखने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को संगठन संरचना व कार्य पद्धति में अपनी भूमिका निभानी है।
यह बात ग्राम जोगीबेड़ा में चल रहे भाजपा मंडल हरसूद नगर, हरसूद ग्रामीण, रोशनी, खालवा व खार मंडल के प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन वन मंत्री विजय शाह, पूर्व महापौर सुभाष कोठारी, वरिष्ठ भाजपा नेता पुरुषोत्तम शर्मा, संतोष राठौड़, दिलीप श्राफ, मुकेश शाह, युवा वक्ता राजपाल सिंह चौहान व योगेश्वर पाटिल ने कही। इस दौरान पांच मंडल के संभावित 45 पदाधिकारी व 138 से ज्यादा कार्यकारिणी सदस्य मौजूद थे।

पूर्व की सरकारों ने आत्मनिर्भरता पर काम क्यों नहीं किया?
वर्ग में भाजपा वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं के सामने भाजपा के इतिहास व विकास, हमारी कार्यपद्धति से संगठन की संरचना में योगदान ,सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग के साथ आत्मनिर्भरता के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर सभी मंडल में तीन तीन सत्र संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा क्या कारण है कि कांग्रेस या अन्य गठबंधन की सरकारों ने आत्मनिर्भर भारत की कल्पना से परहेज़ किया। राजनीतिक दृष्टि से कारण साफ है तत्कालीन सरकार पूंजीवाद, उदारवाद व तुष्टिकरण के मामलों पर चलती रही। उन्होंने कभी नहीं चाहा कि देश, प्रदेश व नागरिक आत्मनिर्भर बने। क्योंकि नागरिक आत्म निर्भर बन जाएगा तो वोट की राजनीति कैसे चलेगी। प्रशिक्षण वर्ग में रविवार को सबसे ज्यादा पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष खंडवा राजपाल सिंह चौहान के संबोधन को काफी सराहा गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग विषय पर खासकर ट्रेनिंग दी।

41 वन ग्रामों में सौर ऊर्जा की चक्की की योजना
वन मंत्री शाह ने कहा नेपानगर उप चुनाव में मैंने देखा कि वन ग्रामों में आदिवासी महिलाएं गेहूं पिसाने के लिए लंबा सफर तय करती हैं। इस बात से उन्होंने विचार कर वन ग्रामों में सौर ऊर्जा से आटा चक्की लगाए जाने की योजना तैयार की है। उसका पहला प्रयोग हरसूद विधानसभा के 41 वन ग्रामों में 10-10 लाख रुपए की लागत से सौर ऊर्जा से चलने वाली चक्की स्थापित की जाएगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में डिस्पोजल से निजात व पर्यावरण सुरक्षा के लिए महिलाओं को 1000 थाली-कटोरी-गिलास के सेट समूह बनाकर दिए जाएंगे। साथ ही आस पास तक आसानी विवाह कार्यक्रमों में बर्तन पहुंचाए जा सके इसके लिए समूह को इलेक्ट्रिक ऑटो भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गोवंश की भी रक्षा हो सकेगी।



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Organization, the result of austerity from Antyodaya to self-sufficiency


source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/organization-the-result-of-austerity-from-antyodaya-to-self-sufficiency-128109561.html

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