शहर के बीचों बीच स्थित मॉडल स्कूल में इन दिनों अजीब वाक्या देखने को मिल रहा है। स्कूल परिसर में नगरपालिका के नालों का दूषित पानी जमा होने से दुर्गंध फैली है और इससे छुटकारा पाने के लिए बच्चों को पढ़ाई करने से पहले दुर्गंध से बचने के लिए खुशबू का इंतजाम करना पड़ रहा है।
स्कूल में दिन भर अगरबत्ती जलाकर उन्हें पढ़ाई करना पड़ रही है। ऐसा उन्हें भगवान के लिए नहीं बल्कि स्कूल परिसर में उठ रही दुर्गंध से बचने के लिए करना पड़ रहा है। दरअसल शहर के शासकीय मॉडल हायर सेकंडरी स्कूल में नाले का गंदा पानी छोड़े जाने से स्कूल का मैदान दलदल में तब्दील हो गया है। जिससे उठने वाली दुर्गंध बच्चों को खिडकियां बंद कर पढ़ाई करना पड़ रहा है। इसके बावजदू भी जब दुर्गंध नहीं जाती तो कक्षाओं में अगरबत्ती या धूपबत्ती जलाना पड़ती है, तब कहीं वह पढ़ाई कर पाते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा नाले का पानी बंद करने के लिए कई बार नगर पालिका प्रशासन को आवेदन दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद भी जिम्मेदारों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शहर के किल्लाई नाका स्थित शासकीय मॉडल हायर सेकंडरी में 522 बच्चे दर्ज हैं। स्कूल की कुल 6 एकड़ 19 डिस्मल जमीन है। जिसमें शिक्षक सदन, बीआरसी कार्यालय, पुराना एक्सीलेंस हास्टल के अलावा नपा की दुकानें बनी हुई है। लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों से मॉडल स्कूल के पीछे खेल मैदान के लिए खाली पड़ी करीब तीन एकड़ जमीन पर सिविल वार्ड नंबर 8 के नाले का पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी पूरे खेल मैदान से होकर स्कूल की दीवारों तक भरा हुआ है। जिससे पूरा मैदान दलदल में तब्दील हो गया है। जिससे वहां पर बच्चे नहीं खेल पाते। अब वहां पर बड़े-बड़े पेड़ उग आए हैं। जहां पर आसपास के लोग स्कूल की दीवारों से ही खुले में शौच के लिए जाते हैं। यही वजह है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों व शिक्षकों को बारह माह दुर्गंध से जूझना पड़ रहा है।
स्कूल के पीछे बना लिया अस्थायी शौचालय
स्कूल परिसर में पिछले कुछ वर्षों से कुछ लोग झोपड़ी बनाकर रहते हैं। जिनके यहां कोई शौचालय नहीं हैं। जिससे यह लोग स्कूल परिसर में ही शौच के लिए जाते हैं। इन लोगों ने वहां पर साड़ियां लगाकर अस्थायी शौचालय भी बना रखा है। यही वजह है कि स्कूल परिसर में गंदगी जमा होने से बच्चे परेशान रहते हैं।
छात्रा कविता प्रजापति, दीपाली जैन, मुस्कान अहिरवार ने बताया कि स्कूल में खिड़की बंद होने के बाद भी दुर्गंध आती है। जिससे पढ़ाई में मन नहीं लगता था। ऐसे में अगरबत्ती जलाना पड़ती है। वहीं छात्र शाश्वत नेमा, विशाल रैकवार ने बताया कि हालही में स्कूल प्रारंभ हुए हैं। लेकिन आसपास गंदगी की वजह से हम लोग काफी परेशान थे। शिक्षकों से अनुमति लेकर अब हम लाेग नियमित रूप से कक्षाओं में अगरबत्ती जलाते हैं। जिससे काफी राहत मिली है।
100 मीटर नाला न जाए तो मिलेगी राहत
स्कूल के प्राचार्य नरेंद्र नायक ने बताया कि सिविल वार्ड नंबर 8 महिला बसती गृह के पीछे गंदे नाले का पानी स्कूल परिसर में छोड़ा जा रहा है। जिससे बच्चों के साथ पूरा स्टॉफ परेशान हैं। मैं इस संबंध में कई बार नगर पालिका को आवेदन दे चुका हैं। यदि 100 मीटर की नाली बनाकर दूसरे नाले में जोड़ दी जाए तो यह समस्या खत्म हो जाएगी।
स्कूल परिसर में गंदे पानी का पानी मिल रहा है। इसकी मुझे जानकारी नहीं हैं। मैं पता करता हूं। जो भी समस्या है उसका निराकरण कराया जाएगा।
- बीडी कतरोलिया, सीएमओ
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/damoh/news/children-pray-in-the-school-with-incense-sticks-o-mother-save-us-from-the-stench-128046441.html
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