बिलहरी-गौर-बरेला सड़क बड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे तैयार तो हो गई, लेकिन इसमें चलने के दौरान आम आदमी को अब परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। इसकी वजह यह है कि इसके नगर निगम की सीमा में आने वाले हिस्से में सेण्ट्रल लाइटिंग के लिए प्वाइंट तो छोड़े गए, लेकिन लाइटिंग की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। पूरे निर्माण एरिया में खासकर शहरी सीमा में अँधकार के बीच ट्रैफिक का संचालन हो रहा है।
सेण्ट्रल लाइट को लेकर मामला उलझता हुआ भी दिख रहा है। लोक निर्माण एनएच का कहना है सड़क बनाना तो ठीक, लेकिन हमारे पास लाइटिंग का कोई प्रावधान नहीं है। केन्द्र ने इसके लिए फण्ड नहीं दिया है। इधर नगर निगम का कहना है कि अभी उसके पास इस तरह की सड़क के लिए मौजूदा समय में फण्ड नहीं है।
इस तरह लोक निर्माण एनएच और नगर निगम के बीच मामला उलझता दिख रहा है। हालाँकि नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि प्रपोजल उन्होंने बनवाया है, यदि फण्ड आता है तो आधे हिस्से में लाइटिंग की जाएगी। शेष जाे नगर निगम का हिस्सा नहीं है, उसकी कोई जिम्मेदारी निगम की नहीं है। फिलहाल इस मार्ग में लोग घोर अँधकार के बीच निकल रहे हैं। रात के वक्त तो तेजी से दौड़ती गाड़ियों के बीच दोपहिया वाहन चालकों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
छग को भी जोड़ती है सड़क
इस मार्ग से केवल कैण्ट, बिलहरी-तिलहरी, गौर-बरेला और आसपास बसे सैकड़ों गाँव के लोग ही नहीं निकलते बल्कि निवास, मण्डला, रायपुर, छग के कई शहरों में भी इसी मार्ग से जाना होता है। इस लिहाज से यह बहुत ही उपयोगी मार्ग है। इस मार्ग को कई सालों से फोर लेन के अंदाज में विकसित करने की माँग की जा रही थी, अब जब यह कुछ समय पहले बनकर तैयार हुआ है तो इसमें अँधेरा परेशानी का कारण बना हुआ है।
इस अंदाज में बनी है सड़क
यह सड़क 72 फीट की चौड़ाई में 14 किलोमीटर वाएएमसीए तिराहे से बरेला के उस पार तक 70 करोड़ की लागत से बनाई गई है। पहले सड़क 50 फीट चौड़ी बनाई जा रही थी, बाद में इसके दूसरे हिस्से का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ और इसकी निर्माण लागत के साथ इसकी चौड़ाई भी बढ़ाई गई। पहले सड़क 44 करोड़ से बननी थी तो बाद में इसकी चौड़ाई बढ़ाकर इसकी लागत को 70 करोड़ कर दिया गया।
सुबह और शाम के वक्त चुनौती
सड़क सपाट बनने से वाहन तेज गति से निकलते हैं। सुबह के वक्त अभी ठण्ड के समय कोहरे से वाहन दिखाई नहीं देते और इसी तरह ठण्ड के दिनों में शाम को अभी दृश्यता पर भी प्रभाव पड़ रहा है। दोनों समय सेण्ट्रल लाइट की कमी इस मार्ग में खलती है। नगर निगम प्रकाश विभाग के प्रमुख नवीन लोनोरे कहते हैं कि इस मार्ग में 6 किलाेमीटर के करीब हमने सेण्ट्रल लाइट का प्रोजेक्ट तैयार किया है। डेढ़ करोड़ रुपए इसमें खर्च किए जाने हैं। यदि फण्ड की व्यवस्था होती है तो लाइट लगाएँगे। फिलहाल अभी इसकी व्यवस्था नहीं है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/in-the-central-lighting-jamele-on-the-bilhari-gaur-barela-road-the-center-said-no-provision-for-this-the-corporation-also-backtracks-128024397.html
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