इस बार क्षेत्र में बारिश तो अधिक हुई लेकिन पिछले वर्ष के मुकाबले कम होने से क्षेत्र के करीब एक दर्जन जलाशय अभी भी खाली है। उनमें जल का स्टाक कम होने से आगामी फसल में सिंचाई के लिए किसानों को परेशान होना पड़ सकता है,जिसको लेकर किसान अभी से चिंतित नजर आने लगे है। यदि अभी भी आसमान पर छाए बदरा नहीं बरसे तो किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए परेशान होना ।
इधर अफसरों ने बताया कि हम किसानों को पर्याप्त पानी देंगे उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। दरअसल सोयाबीन, उड़द, मूंग आदि की फसलों पर पीला पड़ने, तना सूखने की बीमारी के कारण बीज नहीं भर पाया तो कहीं फसलें अधिक पानी के भराव के कारण गल गई इत्यादि व्याधियों के कारण किसान परेशान है और उस पर क्षेत्र के जलाशयों सहित नदियों नालों में अभी से पानी की कमी के चलते उन्हें आगामी रबी फसल की सिंचाई की चिंता सताने लगी है।
इन नदियों व नालों से होती है सिंचाई: जलाशयों के अलावा सेमरी दुधई, बीना, बेवस, धसान नदी के साथ ही चकला नाला, महूना, बेरखेड़ी, विनायकपुर, गहरा नाला, छैंका नाला, कोलूघाट, खानपुर, जरूआ, सुनेहरा, बिजौरा, कुंडा, परासरी, खिरिया, कोलूघाट, बर्री, पठा नाला सहित दो दर्जन नालों से सिंचाई की जाती है। जिनमें अभी से पानी की कमी देखी जा रही है।
किसान बोले- अगली फसल से आस
कीरतपुर क्षेत्र के पूरन सिंह का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले कीरतपुर डेम में पानी कम है जो किसानों की सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं है। अभी भी बारिश नहीं होती तो किसानों को सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ेगा। चांदोड़ा के मुन्ना राजा, तुलसीपार के जफर खां, महुआखेड़ा के सौरभ शर्मा, सागोनी के फरीद शाह, वीरपुर के राजकुमार सिंह का कहना है कि में पिछले साल के मुकाबले पानी कम है जलाशय पूरे नहीं भर पाए और पानी का स्टाक कम है खरीफ फसलें बरबाद हो चुकी हैं रबी की फसलों से आस बंधी है, लेकिन जलाशयों में पानी की कमी है फिर फसलों की सिंचाई प्रभावित हो सकती है।
पर्याप्त पानी की व्यवस्था
सेमरी, तुलसीपार डेम सहित अन्य डैमाें में किसानों को देने के लिए पर्याप्त पानी है। वैसे भी किसानों को पानी देने के बाद 30 प्रतिशत पानी डैमों में शेष बचता है इसलिए किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है उन्हें नहर के माध्यम से पर्याप्त पानी दिया जाएगा।
-एनके बादल, सेमरी एसडीओ।
यह जलाशय है खाली
कोकलपुर, तुलसीपार, कीरतपुर, महुआखड़ा, बूढ़ा शहजादपुर सागोनी, ऊमरखोह, चॉदबढ़, मसूर बावड़ी उमरहारी, चांदोड़ा खमरिया, साजखेड़ा इत्यादि।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/begumganj/news/a-dozen-reservoirs-still-empty-even-after-good-rains-farmers-worry-about-irrigation-127732685.html
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