संत सिंगाजी ताप परियोजना की सुपर क्रिटिकल तीन नंबर यूनिट के टरबाइन में वाइब्रेशन से रोटर प्लेट टूट गई थी। इसका कारण रोटर में सोडियमयुक्त पानी पहुंचना बताया जा रहा है। यह पानी जांच के लिए भेजा गया है। चार दिन पहले चार नंबर यूनिट की टरबाइन में भी वाइब्रेशन हुआ था। इस कारण यह यूनिट भी बंद कर दी गई है। परियोजना सूत्रों के अनुसार इस यूनिट की टरबाइन भी खोलनी पड़ेगी। दोनों यूनिट बंद होने से शासन व एमपीपीजीसीएल को रोज 3.20 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। रबी सीजन में डिमांड के बावजूद बिजली उत्पादन की संभावना नहीं है।
एमपीपीजीसीएल सूत्रों के अनुसार तीन नंबर यूनिट को पुन: चालू करना आसान नहीं होगा। टरबाइन के रोटर की लागत 30 करोड़ रुपए से अधिक होगी। फिलहाल यह मिल भी नहीं रहा है। मिलने के बाद भी इसे चालू करने में न्यूनतम तीन माह का समय लगेगा। सोडियमयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही जिम्मेदार अफसरों को बचाने का प्रयास शुरू हो गया है। 3 नंबर यूनिट के रोटर पर पर्दा डाल दिया गया है। इसके पास किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है। फेस-2 का निर्माण करने वाली एलएंडटी पावर व एमपीपीजीसीएल अफसर एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, क्योंकि यह यूनिट पीजी टेस्ट के दौरान बंद हुई है। अफसरों की चिंता का विषय चौथी यूनिट बंद होना भी है।
दोनों यूनिट ठप होने से रोज 3.20 करोड़ का नुकसान, रबी सीजन में नहीं हो पाएगा पर्याप्त बिजली उत्पादन
एनटीपीसी अफसरों को सौंपी जांच
प्रदेश के ऊर्जा विभाग द्वारा भी मामले की जांच कराई जा रही है। ऊर्जा सचिव ने एनटीपीसी अफसरों को जांच के लिए सिंगाजी परियोजना भेजा है। सूत्रों के अनुसार अफसरों ने जांच भी पूरी कर ली है, लेकिन रिपोर्ट उन्हीं अफसरों की मौजूदगी में तैयार की गई, जो इतनी बड़ी गलती के लिए जिम्मेदार हैं। इससे जांच रिपोर्ट प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि ऊर्जा सचिव संजय दुबे ने जांच रिपोर्ट जल्द मांगी है। मामले में केमिस्ट विभाग सहित एमपीपीजीसीएल के चार से पांच अफसरों पर गाज गिर सकती है। ऊर्जा सचिव के जल्द सिंगाजी परियोजना दौरे की संभावना भी जताई जा रही है।
एक माह से बंद है 3 नंबर यूनिट, दोहरा नुकसान
660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट से बिजली उत्पादन पर शासन को रोज 1.60 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। एक माह से यूनिट बंद रहने से करीब 48 करोड़ का नुकसान हो चुका है। यह यूनिट तीन माह बंद रहना तय है। यह नुकसान केवल बिजली उत्पादन नहीं होने से है। उधर, नया रोटर खरीदने पर भी एमपीजीसीएल को करीब 30 करोड़ रुपए खर्च करना होंगे। 660 मेगावाट की ही चार नंबर यूनिट भी चार दिन से बंद होने से दोहरा नुकसान हो रहा है।
जिम्मेदारी तय की जाएगी
^3 नंबर यूनिट में फाल्ट की जांच की जा रही है। हमने एनटीपीसी को जांच सौंपी है। मैं अभी दो दिन के अवकाश पर हूं। लौटते ही जांच रिपोर्ट देखूंगा। लापरवाह अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चार नंबर यूनिट बंद होने का मामला भी दिखवाते हैं।
संजय दुबे, प्रमुख सचिव, ऊर्जा विभाग
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/possibility-of-rotating-plate-of-rotor-with-sodium-water-fourth-unit-shut-down-due-to-vibration-127754574.html
No comments:
Post a Comment