मानसून अपने आखिरी दौर में है। रविवार-सोमवार की रात जिले में अच्छी बारिश हुई। इस सीजन में अब तक 36 इंच बारिश हुई जो कि औसत बारिश से 4 इंच अधिक है। 22 से 24 सितंबर के बीच इसी तरह बारिश व मौसम में उमस व गर्मी बनी रहेगी। इसके बाद मानसून की गतिविधियां कम हो जाएंगी। अभी राजस्थान में प्रतिचक्रवात का प्रभाव दिखाई दे रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून का प्रभाव दिखाई देने पर मानसून की विदाई तय मानी जाएगी। भोपाल के मौसम वैज्ञानिक गुरुदत्त मिश्रा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का सिस्टम सक्रिय होने से बारिश हो रही है। इस सिस्टम के बाद कोई सिस्टम बनने की संभावना नहीं है।
जिले में रविवार-सोमवार की रात खालवा में सर्वाधिक 27 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि हरसूद में 13 मिमी, पुनासा में 4 मिमी व खंडवा में 6 मिमी बारिश हुई। पंधाना क्षेत्र में हल्की रिमझिम व बूंदाबांदी हुई। कुल 50 मिमी बारिश हुई। इस साल खालवा में कुल 681 मिमी बारिश हुई जबकि पिछले साल 21 सितंबर तक 1043 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। पिछले साल की तुलना में पांचों तहसील बारिश के आंकड़े में पीछे है।
15 नवंबर से 15 फरवरी तक ठंड का असर रहेगा
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के मुताबिक इस बार अभी से पश्चिमी विक्षोभ बनना शुरू हो गया है। इस कारण तापमान के कम होने के कोई आसार नहीं है। ये और बढ़ेगा। इस बार दिसंबर ज्यादा ठंडा रहेगा, जबकि जनवरी में ठंड के साथ मावठे की बारिश का असर भी रहेगा। इस दौरान ओलावृष्टि भी होगी। निमाड़ अंचल में नवंबर से फरवरी तक शीतलहर का दौर रहेगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/heat-and-humidity-will-remain-even-after-24-hours-of-light-rain-127742456.html
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