Friday, December 4, 2020

केंद्र सरकार ने पूंजीपति व उद्योगपति को ध्यान में रखकर पारित किए कृषि बिल

केंद्र सरकार ने पूंजीपति व उद्योगपति को ध्यान में रखकर नए कृषि बिल पारित किए गए हैं। इस विधेयक से देश का सामाजिक, आर्थिक और प्रजातांत्रिक ढांचा कमजोर होगा। केंद्र सरकार को यह बिल वापिस लेना चाहिए। यह मांग जिला कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन करते हुए कर रहे थे। सेवादल ने इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार भरत कुमार को ज्ञापन भी सौंपा।

ज्ञापन सौंपने के बाद सेवादल के अध्यक्ष सुधीर मावई ने बताया कि भारत 130 करोड़ की आबादी वाला देश है। यहां रहने वाले अधिकांश लोग कृषि व उससे जुड़े व्यवसाय पर निर्भर हैं। केंद्र सरकार द्वारा कृषि सुधार के नाम पर लाया गया विधेयक न केवल किसान विरोधी है, बल्कि पूंजीपतियों व उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला विधेयक है।

सेवादल कार्यकर्ताओं ने देश में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए नए कृषि बिल को वापस लिए जाने की मांग की है। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने वालों में राजकुमार कुशवाह, दीपक शर्मा, प्रमोद शर्मा, अंकुर मावई, विष्णु कुशवाह, हीरा सिंह, रामख्तयार कुशवाह, प्रमोद बघेल आदि शामिल थे।



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राषट्रपति के नाम कलेक्टाेरेट में ज्ञापन देने पहुंचे सेवादल पदाधिकारी।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/morena/news/the-central-government-passed-the-agricultural-bill-keeping-in-mind-the-capitalist-and-industrialist-127979497.html

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