केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कानून निरस्त करने व मप्र में अतिवृष्टि से नष्ट खरीफ फसल की क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया व राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार संदीप तिवारी को सौंपा।
दो सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा जो तीन नए बिल, कृषि की दशा सुधारने के नाम पर लाए गए वे वास्तव मेें पूंजीपतियों की सह पर और पूंजीपतियों के लाभ के लिए ही बनाए गए हैं। प्रदेश मेें इस बार खरीफ की संपूर्ण फसल शत प्रतिशत नष्ट हो गई थी।
किंतु इसके बाद भी मप्र सरकार द्वारा किसान को एक भी नए पैसे की राहत नहीं दी गई और न ही उन्हें अगली फसल बोने के लिए खाद-बीज व बिजली की फ्री व्यवस्था की गई। जिससे किसान आत्महत्या करने की स्थिति में आ गया है।
ज्ञापन सौंपने वालों में किसान बीडी पटेल, मनोरथ गर्ग, दीपक जैन, राजकुमार पाल, देवीसींग, लेखन कुर्मी, कामता, दशरथ, महेंद्र ठाकुर, परसोत्तम पटेल, रविंद्र लोधी, इसरार खान, मलखान कुर्मी आदि के नाम शामलि हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/bina/news/compensation-for-kharif-crop-destroyed-127977684.html
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