जनता कर्फ्यू (22 मार्च) के बाद से सूने स्कूलों में शुक्रवार को फिर रौनक लौटने की शुरुआत हुई। 161 में से 32 सीबीएसई स्कूलों में 10वीं से 12वीं तक की नियमित कक्षाएं लगीं। हालांकि ज्यादातर में औसत 15 बच्चे ही पहुंचे, जबकि प्रति स्कूल 200 से 300 बच्चे हैं। एमपी बोर्ड के 50% स्कूल खुले, उपस्थिति 10 से 15 ही रही। वैष्णव कन्या स्कूल की 12वीं कक्षा में एक ही छात्रा दक्षिता ओझा पहुंची, उसका कहना था कि क्लास में पढ़ाई ज्यादा अच्छे से होती है।
शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी

स्कूल शुरू होने से शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी आ गई है। उन्होंने बच्चों को ऑनलाइन भी पढ़ाया। इसके पहले 21 सितंबर से मार्गदर्शन कक्षाएं लगाने की इजाजत थी,जो कुछ ही स्कूलों में लग पाईं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/after-the-lockdown-the-first-regular-class-in-the-schools-when-the-only-student-arrived-also-taught-her-128027526.html
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