Friday, December 4, 2020

सैंपल लेने नहीं भेज रहे टीमें फीवर क्लीनिक में मरीजों की स्क्रीनिंग भी बंद

कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए गांव गांव की जाने वाली सैंपलिंग प्रक्रिया अब बंद हो गई है। वहीं फीवर क्लीनिक पर आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग नहीं की जा रही है। शहर के सिविल अस्पताल में शुक्रवार को कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया। जहां आने वाले मरीजों को सीधे दवाएं देकर घर के लिए रवाना किया जा रहा था। यह स्थिति कोरोना काल में भर्ती किए गए 28 स्वास्थ्य कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद निर्मित हुई है।

यहां बता दें कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम, नियंत्रण व इलाज को लेकर शासन के आदेश पर अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। जिले में 18 आयुष चिकित्सकों एवं 52 स्टाफ नर्स की भर्ती की गई थी। ये पिछले 7 माह से कोविड-19 से संबंधित सेवाएं दे रहे थे। लेकिन अचानक शासन ने उनकी छंटनी शुरू कर दी। जिले से 28 अस्थाई स्टाफ नर्स की 1 दिसंबर से सेवाएं समाप्त कर दी गई, जिससे जिले में कोविड-19 को लेकर स्वास्थ्य सेवाएं गड़बड़ा गई है। स्थिति यह है कि गांव गांव रेंडम सैंपलिंग के लिए टीमें जाना बंद हो गई है। अब फीवर क्लीनिक पर ही सैंपलिंग का कार्य किया जा रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का दावा है कि टीम तो गांव गांव भेजी जा रही है। लेकिन उनमें सदस्यों की संख्या कम हो गई है। अब डाक्टर ही सैंपलिंग का कार्य कर रहे हैं।

सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों का नहीं जांचा जा रहा तापमान
शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे शहर के सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग के नाम पर सिर्फ उनकी डिटेल लिखी जा रही थी। मरीजों का न तो यहां कोई तापमान लिया जा रहा था। न ही उनके हाथ सेनेटाइज कराएं जा रहे थे। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों को दवाएं देकर घर के लिए रवाना किया जा रहा था। जबकि कोरोना काल में यहां मरीजों की विधिवत स्क्रीनिंग कर तापमान अधिक होने पर उन्हें सैंपलिंग के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा था।

बताया जा रहा है कि इस क्लीनिक पर प्रतिदिन 40 से 50 मरीज हर रोज आते हैं। कुछ यही स्थिति शहर के भवानीपुरा स्थित आरोग्य धाम में दोपहर करीब तीन बजे डाक्टर ही नहीं थी। एक स्टाफ नर्स अस्पताल में आने वाले मरीजों को बीमारी के लक्षण पूछकर सीधे दवाएं दे रही थी। अस्पताल में मौजूद मरीजों ने बताया कि यहां ज्यादातर समय डाक्टर मिलते ही नहीं है। इसीप्रकार से रेखा नगर के डॉ इब्राहिम मौजूद थे। स्टाफ नर्स न होने की वजह से वे खुद ही मरीजों की स्क्रीनिंग कर उन्हें दवाएं दे रहे थे।

संक्रमित मरीजों को लाने वाली एंबुलेंस भी सेनेटाइज नहीं कर रहे
संक्रमण को लेकर अब स्वास्थ्य अमला भी बेफिक्र होता जा रहा है। यही वजह है कि प्रतिदिन कोरोना के नए मरीज सामने आने के बाद उन्हें घर से अस्पताल लाने वाली एंबुलेंस को अब सेनेटाइज नहीं किया जा रहा है। मरीजों को लेने के लिए जाने वाले एंबुलेंस स्टाफ ने भी पीपीई किट जैसी सावधानियां बरतना बंद कर दिया है।

अब उन इलाकों में टीम भेज रहे, जहां कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं
शासनस्तर से 28 स्वास्थ्य कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद अब टीमें सिर्फ उन इलाकों में भेजी जा रही है, जहां से कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। फीवर क्लीनिक और सिविल डिस्पेंसरी पर मरीजों की स्क्रीनिंग नहीं की जा रही है तो इस संबंध में जानकारी ली जाएगी।
- डॉ अजीत मिश्रा, सीएमएचओ, भिंड

430 सैंपल में से 4 की रिपोर्ट पॉजिटिव, कुल मरीज 1383
शुक्रवार को कोरोना के 430 सैंपल में से 4 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि 6 पुराने मरीजों की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। यानि अब वे स्वस्थ्य हो गए हैं। इस प्रकार से जिले में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 1383 हो गई है। वहीं ठीक हो चुके मरीजों का आंकड़ा 1335 हो गया है। यहां बता दें कि नए मरीजों में दो अतरसूमा के हैं, जिसमें एक 65 वर्षीय वृद्ध और दूसरा 18 वर्षीय युवक है। इसके अलावा चिलोंगा गांव में 33 वर्षीय युवक और यदुनाथ नगर में 41 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित मिले हैं।

इधर हटाई गईं नर्सों ने राज्यमंत्री भदौरिया को दिया ज्ञापन
इधर कोरोना काल में भर्ती किए गए 28 स्वास्थ्य कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद उन्होंने शुक्रवार को राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया को एक ज्ञापन दिया। उनका कहना था कि जब लोग कोरोना से काफी भयभीत थे। तब हमने जान जोखिम में डालकर मेहनत और ईमानदारी से कोरोना वॉरियर्स की तरह कोरोना संक्रमित व संदिग्ध मरीजों के सीधे संपर्क में रहते हुए सेवाएं दी हैं। ऐसे में उनकी सेवाओं के प्रतिफल के बदले कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में सुरजीत समाधिया, कुणाल गुप्ता, अनुराग शर्मा, दिलीप शर्मा, राहुल गोयल, सोनू, पूनम, ज्योति, मिथलेश, पूजा, किरण, करण, राजकुमारी, कमलेश, हरनारायण, आनंद, हरिओम और अखिलेश शामिल हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सिविल अस्पताल में मरीज को बिना स्क्रीनिंग के दवाएं देते स्वास्थ्य कर्मचारी।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/bhind/news/teams-not-sending-samples-to-stop-screening-of-patients-in-fever-clinic-127979186.html

No comments:

Post a Comment