Thursday, December 3, 2020

रोजगार सहायक के पेंशनधारी पिता और रिश्तेदारों के नाम मनरेगा में, मिल रही राशि

बल्देवगढ़ जनपद क्षेत्र की छिदारी पंचायत में रोजगार सहायक के 86 वर्षीय पेंशनधारी पिता-पिता और चाचा के खाते में मनरेगा की मजदूरी की राशि पहुंची है। माता के नाम से मनरेगा का जॉब कार्ड बना हुआ है। इतना ही नहीं इसमें एक शासकीय शिक्षक के खाते में भी मजदूरी की राशि डाली गई थी। पंचायत में पूरे मामला उजागर होने के बाद भी अब तक रोजगार सहायक सहित संबंधित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

दरअसल महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। इसमें रोजगार सहायक दीनदयाल यादव के 86 वर्षीय पेंशनधारी पिता बड़े यादव, 72 वर्षीय माता अम्रत बाई यादव सहित परिवार के 6 लोगों के नाम जॉब कार्ड में शामिल हैं।

वहीं रोजगार सहायक के चाचा हल्काई यादव के खाते में भी मनरेगा की मजदूरी पहुंची है। इतना ही नहीं सरकारी शिक्षक उमाशंकर त्रिपाठी के खाते में भी मजदूरी की राशि पहुंची है। अगर सरकारी कर्मचारी के खाते में मजदूरी का पैसा पहुंचता है तो यह संबंधित अधिकारी की लापरवाही सामने आ रही है। गांव में शासकीय निर्माण में फर्जीवाड़ा करके लाखों रुपए की हेराफेरी की गई है।

शिक्षक ने भी की मजदूरी

ग्राम पंचायत छिदारी निवासी उमाशंकर त्रिपाठी शिक्षक नवीन माध्यमिक शाला सतपारा संकुल केंद्र कन्या हायर सेकंडरी स्कूल बड़ामलहरा जिला छतरपुर में पदस्थ हैं। पंचायत निर्माणों कार्यों में उमाशंकर त्रिपाठी से सुदूर सड़क निर्माण कार्य हरिजन बस्ती से गोकुल पाल के घर तक वर्ष 2017-2018 के निर्माण कार्य में मजदूरी की है। सरकारी शिक्षक को मस्टररोल में हाजिरी चढ़ाकर खातों में राशि डाली गई।

रोजगार सहायक की 72 वर्षीय मां ने की मजदूरी

दस्तावेजों के मुताबिक मानें तो 72 वर्षीय अमृत बाई यादव रोजगार सहायक की माता हैं। जिन्होंने सीसी रोड, कपिलधारा कूप, पीएम आवास, नवीन तालाब, सुदूर सड़क में किया है। वहीं पिता बड्डे यादव ने वर्ष 2020-2021 में मेड बंधान। चाचा हल्काई ने मेड़ और खेत तालाब निर्माण में काम किया है।

जतारा में भी हो चुकी लाखों रुपए की गड़बड़ी

जनपद जतारा में लाखों रुपए के भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ था। मामले में जनपद के बाबू सहित 22 लोगों पर एफआईआर हुई थी। इसके बाद फिर बल्देवगढ़ जनपद में लाखों रुपए का भ्रष्टाचार होने का मामला उजागर हुआ है। इसके बाद भी अधिकारी कार्रवाई करने में कतरा रहे हैं।

रोजगार सहायक बोले पिता की उम्र 60 वर्ष

रोजगार सहायक दीनदयाल यादव का कहना है कि मेरे पिता की उम्र 60 वर्ष ही है। वह मनरेगा के तहत मजदूरी कर सकते हैं। कुछ मामलों में गड़बड़ी हो सकती है। उनमें सुधार किया जाएगा। साथ ही शिक्षक के परिवार का जॉब कार्ड बना हुआ है। खाते में राशि चली गई थी। जिसे वापस लिया गया है।

नियम विरूद्ध काम किया होगा तो करेंगे कार्रवाई

बल्देवगढ़ जनपद सीईओ प्रभात मिश्रा के अनुसार शिक्षक के खाते में मनरेगा की राशि जाना गंभीर लापरवाही है। वहीं रोजगार सहायक के बुजुर्ग माता-पिता जिनकी उम्र करीब 80 वर्ष है। वह मजदूरी के योग्य नहीं है। इस मामले में अगर रोजगार सहायक ने नियम विरुद्ध काम किया होगा तो जांच कर सख्त कार्रवाई करेंगे।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/tikamgarh/news/nrega-in-the-names-of-pensioners-fathers-and-relatives-of-employment-assistants-receiving-money-127977708.html

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