मप्र हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बैंच ने श्रम कानूनों में संशोधनों को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार को अतिरिक्त जवाब पेश करने के लिए समय दे दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 जनवरी को निर्धारित की गई है। प्रदेश में श्रम कानूनों में हुए संशोधनों को मप्र ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष कृपा शंकर वर्मा और अन्य की ओर से चुनौती दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने अवैधानिक तरीके से 5 और 6 मई 2020 को श्रम कानूनों में कई संशोधन कर दिए हैं, जो श्रमिकों के खिलाफ हैं। संशोधनों के जरिए 11 अनुसूचित उद्योगों को मप्र औद्योगिक विवाद अधिनियम से बाहर कर दिया गया है, जिससे इन उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए न्याय के दरवाजे बंद हो गए हैं। संशोधन के बाद अब 100 से अधिक कर्मचारियों वाले उद्योगों पर मप्र इंडस्ट्रियल एम्प्लॉइमेंट स्टैंडिंग ऑर्डर लागू होगा।
पहले यह आदेश 20 श्रमिकों वाले उद्योगों पर लागू होता था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजय वर्मा और मीना वर्मा ने कहा कि संशोधनों के द्वारा काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 कर दिए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता आशीष आनंद बर्नाड ने अतिरिक्त जवाब पेश करने के लिए समय दिए जाने का अनुरोध किया, जिसे डिवीजन बैंच ने स्वीकार कर लिया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/state-government-will-present-additional-answer-on-amendments-in-labor-laws-next-hearing-will-be-held-on-25-january-128024510.html
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