कोराेना महामारी के बीच लाेग सुरक्षित परिवहन के लिए निजी वाहनाें काे प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका बड़ा फायदा ऑटोमोबाइल उद्योग को मिल रहा है। यही कारण है कि इस बार नवरात्र से दीपावली तक शहर में कार (कॉम्पेक्ट, सिडान और एसयूवी) पिछले त्योहारी सीजन की तुलना में 10 फीसदी तक ज्यादा बिकीं। पिछले साल इस अवधि में कुल 1800 कारें बिकीं थीं, लेकिन इस बार बिक्री बढ़कर संख्या 2000 पर पहुंच गई। जबकि दो पहिया वाहनों की बिक्री में 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
ग्वालियर से बाहर गईं 60 फीसदी कारें... जिला परिवहन विभाग में पिछले साल त्योहारी सीजन में 3456 दो पहिया और 786 चार पहिया वाहन पंजीकृत हुए थे। जबकि इस साल 3192 दाेपहिया और 946 चार पहिया वाहनों का पंजीयन हुआ है। जबकि कारोबारियाें के मुताबिक उनके शाेरूम से 2000 कारें और 3400 दो पहिया वाहनों की बिक्री हुई है। जानकारों के अनुसार कुछ लोग शहर से वाहन खरीदकर ले जाते हैं लेकिन उसे दूसरे शहर में रजिस्टर्ड करवाते हैं।
इसलिए बढ़ी कार की मांग
कोरोना महामारी में लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट की अपेक्षा खुद के वाहन से यात्रा काे प्राथमिकता दे रहे हैं।
बैंक और फाइनेंस कंपनियों ने कार लोन पर ब्याज दर में डेढ़ से दो फीसदी तक कमी की है। यह 6.5 से 8% के बीच है।
कारोबारियों के अपने तर्क
कोरोना महामारी में लाेग सुरक्षित यात्रा के लिए खुद के वाहन को प्राथमिकता दे रहे हैं। कार कंपनियां डिस्काउंट भी दे रही हैं। बैंक और फाइनेंस कंपनियां भी अपने टारगेट को पूरा करने कम ब्याज पर अधिक अधिक फाइनेंस कर रही हैं। -मुकेश अग्रवाल, संयोजक ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ग्वा.
इस साल त्योहारों पर चार पहिया वाहनों की बिक्री बढ़ी है जबकि दो पहिया वाहनों की बिक्री में कमी आई है। उच्च और मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ी है जबकि निम्न मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति घटी है।
-श्याम गुप्ता, वाहन काराेबारी
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/this-time-200-cars-sold-more-from-navratri-to-diwali-because-giving-priority-to-your-own-vehicle-for-safe-travel-127931815.html
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