हनुमान मंदिर के पास ट्राॅली की बाॅडी बनाते समय 14 सितंबर काे दोपहर 12 बजे अशाेक, राजू, आनंद व करीब 15 अन्य लाेगाें ने लाठी, तलवार, देशी कट्टे, दरारी से मारपीट कर जानलेवा हमला किया। पुलिस काे दिए फुटेज में आराेपी के हाथ में दरांती दिख रही है।
माैके से दाे कारतूस भी मिले। कारखाने में घुसकर मारपीट की। परिसर में घुसने, हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट की धाराएं नहीं लगाई। 3 आराेपी पकड़े।
पुलिस ने मिलीभगत व दबाव में सही धाराएं नहीं लगाई।
इससे आराेपियाें काे जमानत मिल गई। पुलिस पर यह आराेप दीपचंद जाट व उसके परिजनाें ने आईजी जेएस कुशवाह के सामने लगाए। धाराएं न बढ़ने व न्याय न मिलने पर उन्होंने डीजीपी व हाईकोर्ट तक जाने की बात कही है।
दपचंद ने बताया कि आराेपियाें ने कट्टे से फायर किए। उसे व उसके भाई बलराम, भतीजे अानंद, पवन व मुकेश काे लाठी, दरांती से मारा। जिन्हें चाेट लगने से फ्रैक्चर हुअा। पुलिस ने 294, 323, 506, 147 का केस दर्ज किया। जबकि कैंपस में घुसने पर 452, दरांती से हमले व कट्टे से फायर करने पर 307 व धारदार हथियारों के कारण 326 या 25, 27 आर्म्स एक्ट भी लगना था। दीपचंद ने आईजी काे बताया कि फायरिंग की जिससे वे बच गए। दाे कारतूस भी माैके से मिले। एसपी काे दिए फुटेज से घटना की पूरी सच्चाई बयां हाे रही है, लेकिन बार-बार आग्रह के बाद पुलिस ने धाराएं नहीं बढ़ाई।
पीड़ित ने धाराएं बढ़ाने के लिए घटना के सबूत के रुप में फुटेज के फाेटाे दिए हैं। आईजी ने एसडीअाेपी हिमानी मिश्रा काे दाेबारा हर पहलू से जांच के
निर्देश दिए।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/harda/news/attack-with-sickle-and-torture-yet-police-did-not-register-a-case-of-attempt-to-murder-127946908.html
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