लॉकडाउन में ‘कुपोषण की कुप्रथा’ की रूह कंपा देने वाली तस्वीर सामने आई है। पौधे की नन्हीं टहनियों सा दिख रहा यह मासूम सिर्फ 10 दिन का है। वजन मात्र 1.3 किलोग्राम। बागसेवनिया पुलिस को यह होशंगाबाद रोड पर एक कार शो-रूम के सामने बने बीआरटीएस बस स्टॉप पर रोता-बिलखता मिला। आसपास मां को खोजा, लेकिन वह नहीं मिली।
बच्चे की कमजोर हालत देख पुलिस बिना देर किए उसे जेपी अस्पताल ले गई। डॉक्टरों ने बताया- बच्चा कुपोषित है और भूखा है। उसके शरीर पर गहरी खरोंचें भी हैं। उसे जेपी के पीआईसीयू में भर्ती किया है। अस्पताल से लौटकर पुलिस ने बस स्टॉप के पास फिर से बच्चे की मां को खोजा। एक ऑटो मोबाइल कंपनी के चौकीदार से पता चला कि कुछ दिन से एक गरीब महिला एक बच्चे को गोद में लिए आसपास घूम रही थी। उसके साथ पांच साल का एक और बच्चा भी था। वह लोगों से बच्चे के लिए दूध, खाना मांग रही थी। संभवत: यह उसी का बच्चा है। फिलहाल बाल कल्याण समिति ने मां को खोजने का जिम्मा चाइल्ड लाइन को सौंपा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/news/a-picture-of-someone-shaking-in-the-lockdown-the-mother-left-the-malnourished-child-at-the-bus-stop-127354915.html
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