सरकार की गेहूं खरीदी तो शुरू हो गई है, लेकिन किसानों को खरीदी केंद्र पर काफी परेशान होना पड़ रहा है। असल में उन्हें जो नंबर दिए हैं उसके आधार पर खरीदी ना करते हुए समिति प्रबंधक मनमर्जी से तुलाई करा रहे हैं। इसका विरोध करने पर गुरुवार शाम को पालिया रोड स्थित वेयर हाऊस पर किसान और समिति प्रबंधक के बीच जमकर विवाद हो गया। इसके कारण काफी देर तक तुलाई का काम रुका रहा। बाद में नंबर के हिसाब से तुलाई शुरू करवाई गई।
मेरा नंबर 60 से 62 था, पहुंचा तो 78 नंबर की हो रही थी तुलाई
नैनोद गांव के किसान शैलेंद्र पटेल ने बताया कि उनका 286 क्विंटल करीब गेहूं को बेचे जाने को लेकर पालिया रोड़ स्थित लक्ष्य वेयर हाऊस पर पहुंचने के लिए एसएमएस आया। अपनी गाड़ी लेकर पहुंचे तो टोकन नंबर 60 से 62 तक दिया। जब तुलाई वाली जगह पर पहुंचे तो वहां 78 नंबर टोकन वाले किसान के माल की तुलाई हो रही थी। समिति प्रबंधक छतर सिंह यादव से जब ऐसा ना करने का कहा तो वह अभद्रता करने लगे। शैलेंद्र के मुताबिक केंद्र पर बड़ा तौल कांटा होने के बाद भी छोटे तौल कांटे से माल तौला जा रहा है। इसके कारण एक गाड़ी के खाली होने में समय लग रहा। विरोध किया तो जवाब मिला कि हमें छोटे तौल कांटे से ही तोलना है।
बड़ा तौल कांटा नहीं है, तुलाई टोकन से : प्रबंधक
समिति प्रबंधक छतर सिंह यादव का कहना है कि हमारे पास बड़ा तौल कांटा नहीं है वह तो वेयर हाऊस वालों का है। हम छोटे कांटे से ही तौल रहे थे। किसान का विवाद करना व्यर्थ है। एक साथ 8 तौल कांटे पर गाड़ियां तुल रही हैं। प्रत्येक पर 5 से 6 गाड़ियां लग रही हैं। इससे किसान को लगा कि टोकन से माल नहीं तौला जा रहा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/controversy-between-farmers-and-committee-manager-at-procurement-center-wheat-weighing-small-instead-of-big-fork-not-purchased-from-sms-even-after-number-127351503.html
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