सीवर लाइन और पानी पाइप लाइन प्रोजेक्ट इन दिनों शहर के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। शहर की जिन कॉलोनियों में सीवर लाइन और पानी की पाइप डाली जा चुकी है, वहां की सड़कों के स्थिति काफी बदहाल हो गई है। ऐसी सड़कों से स्थानीय लोगों का दो पहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो रहा है। इसके बाद भी सीवर प्रोजेक्ट कंपनी और पानी की लाइन बिछाने वाली टाटा कंपनी और नगर पालिका अधिकारी लोगों की परेशानी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर के कई स्थानों पर सीवर लाइन बिछाए हुए दो साल से अधिक समय हो गया, लेकिन अब तक वहां सड़क का निर्माण नहीं किया गया। सड़क निर्माण के नाम पर गिट्टी और मिट्टी डालकर सिर्फ समतलीकरण किया जा रहा है, जिससे मिट्टी धंसक गई हैं। ऐसे में ऊबड़ खाबड़ सड़कें परेशानी का कारण बन रहीं है।
गौरतलब है कि शहर में तीन सौ करोड़ रुपए की लागत से सीवर लाइन बिछाई का काम आरबीआईपीपीएल- एसआरसीसीजेवी कंपनी और अमृत योजना के तहत पानी की पाइप लाइन बिछाने का काम टाटा कंपनी द्वारा किया जा रहा है। लेकिन शहर के लोग सीवर लाइन की खुदाई को लेकर परेशान हैं। स्थिति यह है कि कंपनी के मजदूर लाइन खोदने के बाद लाइन बिछाकर गड्ढों को बंद कराना होता है। उसके बाद कंपनी को खुदी हुई रोड को पहली जैसी पक्की बनाना होता है। लेकिन कंपनी के अधिकारी ऐसा न करते हुए गड्ढों को गिट्टी और मिट्टी डालकर बंद कर रहे हैं। जबकि टेंडर शर्त के अनुसार दोनों कंपनियों को सीवर लाइन और पानी की पाइप लाइन बिछाने के बाद खुदी हुई सड़कों को पक्का बना है।
कॉलोनियों में खुदी पड़ी सड़केंः
शहर के शिवाजी नगर, हाउसिंग कॉलोनी, नवादा बाग, डांक बंगला रोड, पुस्तक बाजार सहित अन्य कॉलोनियों में पानी की पाइप लाइन और सीवर लाइन बिछाने के बाद कंपनियों ने खुदे हुए गड्ढों को गिट्टी और मिट्टी डालकर बंद कर दिया हैं। उन्होंने सड़कों को पक्का नहीं किया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/bhind/news/the-roads-were-to-be-built-after-digging-as-before-but-the-roads-left-after-putting-soil-and-ballast-127885213.html
No comments:
Post a Comment