काेराेना के खाैफ का प्रभाव इस बार खुशियों के सबसे बड़े त्योहार दीपावली पर भी दिखाई दिया। इस साल खुली मिठाई के काराेबार में गिरावट आई है। इस सीजन में बीते साल की तुलना में 30 प्रतिशत मावा की मिठाइयां कम खरीदी गईं। जबकि इस बार रेट भी नहीं बढ़ाए गए थे। लाेगाें का रुझान इम्युनिटी बढ़ाने और ड्रायफ्रुट्स मिक्स मिठाई ओर ड्रायफ्रूट्स खरीदने में रहा।
शहर के बड़े मिठाई विक्रेता के अनुसार इस बार 8 क्विंटल मावे की मिठाई बनवाई थी। इसमें से करीब 70 प्रतिशत ही बिकी है। इसके स्थान पर लाेगाें ने ड्रायफ्रूट्स और पैकिंग की अन्य मिठाइयों की खरीदारी काे महत्व प्रदान किया है। यह मावा की मिठाइयों से महंगी थी, लेकिन लाेगाें ने इसके बाद भी इनकी खरीदारी की। खुली मिठाई के प्रति पहले जैसे विश्वास में थाेड़ी कमी दिखाई दी। उन्होंने बताया बीते साल 900 किलाे मावे की मिठाई बनाई थी।
धनतेरस से विक्रय शुरू हुआ था। दीवाली के दिन 8 बजे ही मिठाई बिक गई थी। इसके बाद आए करीब 50-60 किलाे मिठाई के ग्राहकों काे मना करना पड़ा था। अन्य मिठाई विक्रेताओं ने भी पिछले साल की तुलना में इस बार खुली मिठाई विक्रय में 30 प्रतिशत तक कमी की बात कही।मिठाई कुछ दिन बाद खराब हो जाएगी। इस पर फूड सेफ्टी अधिकारियों द्वारा नजर न रखी गई तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होगी।
साेन पपड़ी, रसगुल्ले, पेठा, नामी कंपनियों का नमकीन खूब बिके
साेन पपड़ी, रसगुल्ले, पेठा, नामी कंपनियों का पैकिंग का नमकीन बेचने वाले एक अन्य दुकानदार के अनुसार उनके काराेबार में इस बार 15-20 प्रतिशत ज्यादा मांग रही। संक्रमण की आशंका के कारण लाेगाें ने पैकिंग की खाद्य सामग्री की खरीदी काे महत्व दिया। जबकि इनके भाव में 3 से 5 प्रतिशत तक बढ़े हैं, इसके बावजूद लोगों ने पैकिंग सामान को तरजीह दी।
ड्रायफ्रूट्स में शुगर नहीं, इम्युनिटी बढ़ाता है, इसलिए डिमांड में
ड्रायफ्रूट्स में बादाम, अखरोट, किशमिश, पिस्ता की आकर्षक पैकिंग के पैक कई लोगों द्वारा पसंद किए गए। लोगों का मानना रहा है कि इनमें शुगर नहीं है और यह सेहत के लिए सर्वाधिक लाभकारी आयटम हैं। इनसे भी इम्युनिटी पावर भी बढ़ता है। कीमतों पर गौर किया जाए तो काजू कतली से कम भाव ड्रायफ्रुट्स का है। इसलिए ड्रायफ्रूट्स की ज्यादा खरीदारी हुई।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/bhind/news/30-decrease-in-demand-for-mawa-sweets-boom-in-dryfruits-127918499.html
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