Monday, November 16, 2020

चंबल से इंटेकवैल में लिया जाएगा 140 मिलियन लीटर पानी, अतरसुमा में 64 एमएलडी करेंगे साफ

चंबल वाटर प्रोजेक्ट का 287.57 करोड़ रुपए का टेंडर डॉक्युमेंट नगर निगम ने तैयार कर दिया है। दिवाली बाद इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए अनुभवी कंपनियों को आमंत्रित किया जाएग। अवार्ड जिस कंपनी को जारी होगा उससे इंटेकवैल बनाने से लेकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार कराने व शहर में 500 किमी से अधिक लंबाई की पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा कराया जाएगा। 3 साल की मशक्कत के बाद चंबल नीर शहर के लोगों के लिए उपलब्ध होगा।

इंटेकवैल में प्रतिदिन 140 मिलियन पानी लेने के लिए जल संसाधन विभाग ने चंबल में पानी का आरक्षण कर दिया है। बोधी की रिपोर्ट में कहा गया है कि धौलपुर के अलावा मुरैना शहर के लिए चंबल से पानी लेने का कोई असर घड़ियाल प्रजाति के संरक्षण पर नहीं होगा। इस रिपोर्ट बाद चंबल वाटर प्रोजेक्ट का इंटैकवैल नदी में बनाया जाएगा। इंटैकवैल तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड व फुटब्रिज का निर्माण भी वहीं कंपनी करेगी जो इंटेकवैल बनाएगी। अधीक्षण यंत्री केके शर्मा की मानें तो इंटेकवैल में 30 साल बाद की 5.5 लाख आबादी की जरूरत पूरी करने के मान से पानी का संग्रहण किए जाने की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।

5 साल तक ऑपरेटिंग और मेंटीनेंस ठेकेदार का
चंबल से पानी लाने, उसे शोधन करने व पब्लिक को वितरण करने के काम का पूरा जिम्मा निर्माण एजेंसी का 5 साल तक रहेगा। चंबल वाटर प्रोजेक्ट के संचालन में यदि कोई दिक्कत आती है तो उसे समय पर दुरुस्त कर लिया जाए।

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की है विशेष रुचि
चंबल वाटर प्रोजेक्ट के लिए केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से 287.57 करोड़ रुप की प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति जारी कराई है। इस प्रोजेक्ट के लिए पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना ने सीएम से पहल की थी लेकिन उपचुनाव के बाद इसका निर्माण कांग्रेस विधायक राकेश मावई कराएंगे। चंबल वाटर प्रोजेक्ट पूरा करने की अवधि 3 साल है और नवनिर्वाचित विधायक का कार्यकाल भी 3 साल का है। मुरैना की जनता को ये सुविधा देना प्राथमिकता है।

चंबल से अतरसुमा तक 18.5 किमी लंबी लाइन बिछेगी
टेंडर डॉक्युमेंट के मुताबिक चंबल में इंटेकवैल से लेकर अतरसुमा के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी लाने के लिए 18.5 किमी लंबाई की 1500 एमएम डाया की पाइप लाइन बिछायी जाएगी। 64 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शहर में 11 नई व 4 पुरानी टंकियों के लिए पानी की आपूर्ति की जाएगी। टंकियों में शहर की जरूरत का एक तिहाई पानी भंडारित किया जाएगा। यानी प्रतिदिन 21 एमएलडी पानी को 15 टंकियों में स्टोर किया जाएगा। जल शाेधन संयंत्र का निर्माण अतरसुमा की 3.5 हैक्टेयर सरकारी जमीन पर किया जाएगा। योजना के मुताबिक, 15 साल के बाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का विस्तार कर उसे 90 एमएलडी क्षमता का बना दिया जाएगा। 30 साल बाद 5.5 लाख आबादी के लिए चंबल से पानी का पानी प्रदाय किया जाएगा।

100 से 600 एमएम व्यास की पाइप लाइन बिछेगी
चंबल वाटर प्रोजेक्ट के तहत अतरसुमा से लेकर शहर में 506 किमी लंबाई की वाटर पाइप लाइन की नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसमें 100 एमएम से लेकर 400 व 600 एमएम के पाइप उपयोग में लाए जाएंगे। इसमें कहीं क्लियर वाटर के लिए तो कहीं फीडर वाटर के लिए, कहीं ड्रिकिंग वाटर के लिए और कहीं ब्रांच लाइन के लिए अलग-अलग व्यास के पाइपों का उपयोग होगा। इससे जल प्रदाय में तेजी आएगी और जनता को सुविधा मिलेगी।

सीवर के लिए पूरी होगी पानी की जरूरत
शहर में 140 करोड़ रुपए की लागत से तैयार सीवर प्रोजेक्ट के लिए, चंबल के पानी की बहुत उपयोगी रहेगी। सीवर बहाने के लिए लोगोें को प्रतिदिन 135 लीटर पानी प्रदाय जाएगा ताकि सीवर जाम की समस्या न आए । इससे सीवर का गतिराेध दूर होकर जल-मल शोधन के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच सकेगा। अभी कम पानी प्रदाय करने के कारण सीवर प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे यह समस्या से निजात मिल सकेगी।

डाॅक्युमेंट बनकर तैयार है, जल्द जारी किया जाएगा​​​​​​​
चंबल वाटर प्रोजेक्ट का टेंडर डाॅक्युमेंट बनकर तैयार है। दिवाली बाद इसे जारी किया जाएगा। जिस कंपनी अर्हताएं 287.57 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को काम करने के लिए उपयुक्त नजर आएंगी उसे वर्कआर्डर जारी करेंगे। -अमर सत्य गुप्ता, आयुक्त नगर निगम मुरैना​​​​​​​



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धाैलपुर की तर्ज पर चंबल नदी में मुरैना की पानी सप्लाई के लिए इंटेकवैल बनाया जाएगा।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/morena/news/140-million-liters-of-water-will-be-collected-from-chambal-at-intakewell-64-mld-will-be-cleaned-in-atarsuma-127918961.html

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