जवाहरलाल नेहरू सहकारी एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस प्रोसेसिंग सोसायटी लिमिटेड उपाध्यक्ष अरुण यादव ने संस्था की 36वीं वार्षिक साधारण सभा में कहा कि सूतमिल ने अपने व्यावसायिक उत्पादन के 32 साल पूरे कर लिए। चार बार आधुनिकीकरण किया।
बाजार की मंदी व कोरोना की महामारी के बीच लॉकडाउन से सूतमिल व शकर कारखाना प्रभावित हुए। घाटे के बावजूद किसानों से कपास व गन्ने की खरीदी कर उन्हें आर्थिक रूप से टूटने नहीं दिया। संस्थान किसान व श्रमिकों को भी सेवा में लगे रहे। विषम परिस्थितियों में भी सूतमिल गुणवत्ता का उत्पादन कर रही है। प्रबंध संचालक एस राय ने संस्थानों सूत मिल और शक्कर मिल का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष का बजट रखा। इस दौरान पूर्व सांसद ताराचंद पटेल, पूर्व अध्यक्ष बोदरसिंह मण्डलोई, विधायक चंद्रभागा किराडे, संचालकगण गणपति पटेल, गोपाल पटेल, भारत यादव आदि थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/khargone/news/bought-cotton-sugarcane-even-after-recession-and-lockdown-127772700.html
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