सांवेर उपचुनाव के बीच मंगलवार को राजपूत समाज के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन के दौरान समाजजन पर लगे मुकदमे वापस लेने और अगले वर्ष से पाठ्यक्रम में रानी पद्मावती के शौर्य को शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शौर्य के क्षेत्र में महाराणा प्रताप और पद्मावती पुरस्कार दिए जाएंगे। रानी पद्मावती की स्मृति में भोपाल की मनुभावन टेकरी पर स्मारक बनाएंगे।
हालांकि ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में उस वक्त हंगामे की स्थिति बन जब एक युवक सवर्णों को आरक्षण देने की मांग के नारे लगाते हुए मंच की तरफ जाने लगा। सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका तो कुछ समाजजन भी नारेबाजी करने लगे। मुख्यमंत्री मंच से उतरे और शस्त्र पूजन के लिए आगे बढ़े। नारे चलते रहे तो वे वहां से रवाना हो गए।
शस्त्र पूजन करने नहीं, बल्कि हमारी मांगों पर घोषणा करने आए थे सीएम
मुख्यमंत्री शस्त्र पूजन करने नहीं, हमारी मांगों पर घोषणा करने आए थे, जो उन्होंने मंच से की। वे अपनी बात समाप्त करने के बाद ही आयोजन से गए। इस दौरान विरोध स्वरूप हमने नारे लगाए। जब सवर्ण आरक्षण अन्य राज्यों में लागू हो गया तो मप्र में लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। -लाखनसिंह पालाखेड़ी, प्रदेश संरक्षक, जय राजपूताना संघ
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/the-cases-filed-against-those-who-oppose-padmavat-will-be-returned-will-include-padmavati-in-the-gallantry-course-127855878.html
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