Monday, May 25, 2020

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सिर्फ तीन दिन बाकी, कई किसानों को अब तक नहीं मिल पाया मैसेज

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का समय मात्र तीन दिन ही रह गया है। वहीं, अब तक कई किसान मैसेज का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें खरीदी शुरू होने से एक महीने बाद तक भी अब तक मैसेज नहीं आया है। इससे उन किसानों की चिंता बढ़ गई है। असल में ज्यादातर खरीदी केंद्रों पर किसानों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। कभी बारदानों की कमी, कभी सिलाई मशीन में दिक्कत, कहीं कांटे खराब होने की समस्याएं आए दिन आ रही हैं। किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या लंबी लाइनों में रात और दिन रहना पड़ रहा है। उन किसानों के वाहन मैसेज आने के पांच दिन तक भी नहीं तुलना आदि से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसान छोटू यादव निवासी गांव कछालिया तहसील सांवेर का 500 क्विंटल गेहूं का पंजीयन है, लेकिन अभी तक न तो उन्हें तुलाई का मैसेज आया है और न ही उन्हें अधिकारियों द्वारा संतुष्ट जवाब दिया जा रहा है। नैनोद गांव के किसान गोकुल पटेल ने बताया कि मेरा पंजीयन 500 क्विंटल का है, लेकिन अब तक एक दाना भी सोसायटी में नहीं खरीदा गया। न ही बेचा है। मैसेज के इंतजार में घर पर ही गेहूं लेकर बैठे हैं।
वेयर हाउसों पर बड़े कांटे से नहीं की गई उपज की तुलाई- भारतीय किसान मजदूर सेना के प्रदेश अध्यक्ष बबलू जाधव ने बताया कि सरकार ने नियम बनाए थे कि 15 से 20 छोटे किसान व साथ ही पांच बड़े किसानों को रोजाना मैसेज के माध्यम से खरीदी केंद्र पर बुलाया जाएगा। अधिकारियों ने इन नियमों को ताक पर रख किसानों को बताया कि जिन वेयर हाउसों पर बड़े कांटे स्थापित थे, वहां पर बड़े कांटे से किसानों की उपज की तुलाई नहीं की गई। वहीं 15 से 20 दिन तक किसानों को खाते में पैसे नहीं पहुंचना, बारदानों की कमी, परिवहन न होना, सिलाई मशीन और तौल कांटे खराब होना आदि परेशानियां भी उन्हें झेलना पड़ रही हैं।



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अन्नपूर्णा मंदिर के आगे तालाब इस बार कमल के फूल लबरेज है। कारण यह कि लाॅकडाउन के कारण मंदिर और दुकानें बंद हैं, इसलिए तालाब में लगे फूल तोड़े नहीं जा सके। इस वजह से पत्ते भी बड़े आकार के हो गए। फूल भी खूब दिखाई दे रहे हैं। इतने फूल हो गए कि तालाब की मछलियां भी इनके नीचे दबकर रह गई हैं। यहां लोग रोजाना मछलियों को दाना डालने आते हैं, लेकिन फूलों के कारण दाना डालना भी मुश्किल हो गया है।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/only-three-days-left-to-buy-wheat-on-support-price-many-farmers-have-not-received-the-message-yet-127341079.html

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