Sunday, May 3, 2020

संकट की घड़ी में ईश्वर के आशीर्वाद से ही सेवा कार्य संभव, हम निमित्त मात्र

देश-दुनिया और शहर कोविड -19 के संक्रमण में है। कोरोना के खिलाफ जंग में डॉक्टर, हैल्थ वर्कर, पुलिस तथा प्रशासन का अमला दिन-रात जुटा हुआ है। इस लड़ाई में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके लिए राष्ट्र धर्म और सामाजिक सेवा सर्वोपरि है। बेसहारों को छाँव, भूखों को रोटी और हर तरह की मदद पहुँचाना जिनके जीवन का मकसद बन गया है। हम साझा कर रहे हैं ऐसे ही कुछ कोरोना वॉरियर्स की कहानी और तजुर्बे…।

जबलपुर में कोरोना की दस्तक होते ही हमने और भाजपा कार्यकर्ताओं ने ठान लिया था कि इस महामारी को सभी को मिलकर हराना है। सब कुछ अचानक हुआ, कोई तैयारी नहीं थी। तब मुझे मेरे पिता पूज्य दादा ईश्वरदास रोहाणी की वो बात याद आई कि संकट की घड़ी में सेवा कार्य ईश्वर के आशीर्वाद से ही संभव होते हैं, हम तो निमित्त हैं।’ इसके बाद हम सभी जुट गए और हमारे सेवा कार्य व्यवस्थित होते चले गए। कैंट क्षेत्र में लॉकडाउन के अगले दिन से ही अनाज के पैकेट्स का वितरण कार्य प्रारंभ किया, जो निरंतर जारी है। क्षेत्र में लगातार मास्क व प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं का वितरण शिविर लगाकर किया जा रहा है। प्रतिदिन चार स्थानों में रसोई का कार्यक्रम प्रारंभ कर 8 हजार भोजन के पैकेट्स का वितरण कैंट क्षेत्र में किया जा रहा है। कैंट विधानसभा क्षेत्र के सभी वार्डों का प्रशासन के सहयोग से सेनिटाइज कराने का कार्य भी निरंतर जारी है। हमने 400 पीपीई किट्स पुलिस, आरपीएफ एवं सेवा में लगे हुए कोरोना फाइटर्स की सुरक्षा के लिए प्रदान कीं। हमने संकल्प ले रखा है कि क्षेत्र के एक भी व्यक्ति को निराहार नहीं सोने देंगे। लाॅकडाउन बढ़ने पर आगे भी सेवा कार्य जारी रहेंगे। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंहचौहान की मंशा के अनुसार सेवा कार्यों के माध्यम से मास्क वितरण एवं शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक किया। सांसद राकेश सिंहद्वारा भी अनाज के पैकेटों का वितरण लगातार किया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान डॉक्टर्स, पुलिस व सफाई कर्मियों के उत्साह वर्धन के साथ उनकी सभी जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए लगभग 400 कार्यकर्ता हमारे साथ मिलकर सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। महामारी रूपी इस संकट ने हमें परिवार, दोस्त और पड़ोसियों की अहमियत समझा दी है। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी फिजिकली भले दूर हों, लेकिन सामाजिक रूप से एक दूसरे के करीब आए हैं। मैंने महसूस किया कि एक अजीब सी दौड़ में शामिल लोग अब बदल रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान वातावरण में भी तेजी से बदलाव हुआ है। जीवनदायिनी माँ नर्मदा निर्मल हो गई हैं। अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए जिस तरह खुद को और अपने घरों को साफ-सुथरा रख रहे हैं, ठीक वैसे ही माँ नर्मदा को स्वच्छ बनाए रखें। सबसे महत्वूपर्ण बात यह कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब बाजार खुलेंगे, तो हमें और भी सावधानी रखनी होगी, इसलिए किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करें, सोशल डिस्टेंसिंग और नियमों के तहत काम करें, बहुत जरूरत हो तो ही निकलें।
- अशोक रोहाणी, विधायक, कैंट विधानसभा




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In the hour of crisis, service work is possible only with the blessings of God, we only for the purpose


source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/in-the-hour-of-crisis-service-work-is-possible-only-with-the-blessings-of-god-we-only-for-the-purpose-127269981.html

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