2400 रेलयात्रियों के लिए महज चार घंटे के शार्ट नोटिस पर खाना तैयार कर उन्हें हर कोच में डिलेवर करने का मुश्किल काम शहर के दो भाइयों ने कर दिखाया है। इनके नाम हैं- इदरीस और इकबाल। रेलवे में यात्रियों के लिए खानपान की सुविधा मुहैया कराने वाली संस्था आईआरसीटीसी से दोनों भाई अपनी फूड चेन दी-किचन के माध्यम से जुड़े हुए हैं। नागदा स्टेशन पर ट्रेन में खानपान उपलब्ध कराने के लिए आईआरसीटीसी और दी-किचन के मध्य टाईअप है।
इदरीस के अनुसार शनिवार दोपहर 2 बजे उनके पास आईआरसीटीसी से कॉल आया कि मजदूरों को लेकर सूरत से लखनऊ (09565/66) और सूरत से गोरखपुर (09573/74) के लिए निकली ट्रेन नागदा में हॉल्ट लेगी। इन दोनों ट्रेनों में सवार 2400 यात्रियों को खाना पहुंचाने की जिम्मेदारी दी-किचन के संचालक इन दो भाइयों को सौंपी गई। इतने कम समय में इतने लोगों का भोजन बनाना एक बड़ी चुनौती थी।
बावजूद दोनों भाइयों ने आईआरसीटीसी के ऑर्डर को स्वीकार किया और पूरी टीम और परिवार के सदस्याें के साथ मिलकर शाम 7 बजे सूरत-लखनऊ ट्रेन के पहुुंचने से पहले ही सभी यात्रियों के लिए खाना तैयार कर स्टेशन तक भी पहुंचा दिया। इसके बाद रात 9 बजे पहुंची सूरत-गोरखपुर ट्रेन के भी हर कोच में पहुंचकर इदरीस और इकबाल ने सभी यात्रियों को भोजन के पैकेट उनकी सीट तक पहुंचाए। दोनों भाइयों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी हैं, क्योंकि दोनों का रोजा था।
9 घंटे के सफर में बच्चों की भूख देख मना नहीं किया
भास्कर से चर्चा में इतने कम समय में भोजन तैयार करने की चुनौती स्वीकार करने के सवाल पर इदरीस ने बताया कि ये बड़ा टॉस्क था, जो पूरा नहीं होता तो दी-किचन की साख को भी खतरा था। ऐसे में हम भोजन देने से इनकार भी कर सकते थे। मगर फिर ख्याल आया कि लंबी सूरत से 9 घंटे की यात्रा कर नागदा पहुंचने वाले यात्री भूखे हैं। लॉकडाउन के कारण किसी स्टेशन पर खानपान की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बड़े तो भूख बर्दाश्त भी कर लेंगे, लेकिन उनके साथ सफर कर छोटे बच्चों का क्या होगा। यह ख्याल आते ही हम दोनों भाइयों के साथ हमारा परिवार और दी-किचन की पूरी टीम जी-जान से खाना तैयार करने में जुट गई, आखिरकार हमारा टॉस्क पूरा हुआ। यात्रियों के चेहरों पर मुस्कुराहट देखकर पूरी टीम की थकान काफूर हो गई।
टॉस्क पूरा करने पर फिर मिला आर्डर
शार्ट नोटिस पर इतने यात्रियों का खाना तैयार कर स्टेशन तक पहुंचाने में जब लॉकडाउन समस्या बनी तो कलेक्टर आशीष सिंह ने स्थानीय प्रशासन और स्टेशन प्रबंधन को दी-किचन की टीम को सहयोग करने के निर्देश दिए। सफलता के साथ टॉस्क को अंजाम देने का परिणाम यह रहा कि आईआरसीटीसी ने रविवार को भी इसी टीम को सूरत-लखनऊ ट्रेन के यात्रियों तक भाेजन पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/nagda/news/even-after-fasting-two-brothers-prepared-food-for-2400-train-passengers-in-4-hours-so-that-no-one-would-go-hungry-from-the-city-127290077.html
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