निगम के सहायक यंत्री श्रीकांत कांटे के अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर को आगे बढ़ाने के लिए अब लोगों ने भी रुचि लेना शुरू कर दिया है। शहर में तीन हजार से अधिक होम कंपोस्टिंग यूनिट को लोगों ने अपने घरों में लगाया है। इस तरह के छोटे-छोटे उपायों से निगम को काफी सहयोग मिल सकता है। इसके लिए निगम की टीम लगातार लोगों से संपर्क कर रही है। लोगों को असुविधा न हो इसलिए प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय पर होम कंपोस्टिंग यूनिट रखवा दी हैं। यहां से कोई भी व्यक्ति साढ़े सात सौ रुपए का भुगतान कर यूनिट ले सकता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2020
इस बार ग्वालियर मारे बाजी
घर से निकलने वाले कचरे से खाद बनाने के लिए होम कंपोस्टिंग यूनिट लेते लोग।
पार्काें में निकलने वाले कचरे का निपटान वहीं करने के लिए पार्कों में नाडेफ टांका का निर्माण कराया जाएगा। ईंटों की जालीदार टंकियों के रूप में बनने वाले नाडेफ टांका में पार्कों में रोजाना गिरने वाली पेड़ों की पत्तियाें सहित अन्य हरे कचरे को इसमें इकट्ठा कर आर्गेनिक खाद बनाई जाएगी। इस खाद का इस्तेमाल इन्हीं पार्कों में किया जाएगा। पार्क अधीक्षक मुकेश बंसल के अनुसार अधिकांश प्रमुख पार्कों में खाद बनाने की प्रक्रिया चल रही है। जिन पार्कों में ये व्यवस्था नहीं है, वहां शीघ्रता से खाद बनाने का काम शुरू कराया जाएगा।
पार्कों में भी बनेंगे नाडेफ टांका
उपयोगी है यूनिट: होम कंपोस्टिंग यूनिट का इस्तेमाल करने वाले अजय चौरसिया का कहना है कि उन्होंने एक माह पहले यूनिट घर में लगाई थी। घर से निकलने वाला गीला कचरा रोजाना इसमें डाल देते हैं। ऊपर से माइक्रोब्स फंगल पाउडर छिड़क देते हैं। इससे ही खाद बनती है। इस प्रकिया में बिल्कुल बदबू नहीं आती।
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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-successful-experiment-people-are-making-compost-from-wet-waste-by-installing-composting-units-in-3000-houses-074513-6266394.html
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