Sunday, November 17, 2019

शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश जरूरी- साध्वी हेमलता दीदी

हम स्कूलों में मोटी फीस देकर बच्चों को पढ़ाते-लिखाते हैं। उन्हें कलेक्टर, आईएएस बनाना चाहते हैं। लेकिन शिक्षा के साथ यदि संस्कार नहीं मिले तो समाज व राष्ट्र का उत्थान नहीं हो सकता। सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा के साथ संस्कारों की जननी है। यहां दी गई शिक्षा आदर्श व्यक्ति का निर्माण करती है।

यह बात साध्वी हेमलता दीदी सरकार ने रविवार को सशिमं में मातृ शक्ति सम्मेलन व बाल मेले में कही। अतिथि परियोजना अधिकारी बरखा जोशी ने कहा बच्चे जो देखते वहीं सीखते हैं। हमारी आदतों का अनुसरण करते हैं और वैसा ही व्यवहार भी करते हैं। अध्यक्षता अभिभाविका रेखा गुप्ता ने की। समिति अध्यक्ष विमलेश सोनी, व्यवस्थापक दिनेश त्रिवेदी, प्राचार्य मनीष सोनी, ऋषभ पामेचा, अनिल देसरला, यशवंत सोनी ने प्रतीक चिह्न देकर अतिथियों का स्वागत किया। बच्चों ने एकल गीत की प्रस्तुति दी। मेधावी छात्रों की माताओं व स्कूल के दो पूर्व छात्राओं का पटवारी पद पर चयन होने पर सम्मान किया। संचालन रानी पुरोहित ने किया। आभार अनिता शुक्ला ने माना।

मातृ सम्मेलन में साध्वी हेमलता दीदी का स्वागत करते समिति सदस्य।



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Aalot News - mp news incorporation of rites with education is important sadhvi hemlata didi


source https://www.bhaskar.com/mp/ratlam/news/mp-news-incorporation-of-rites-with-education-is-important-sadhvi-hemlata-didi-063509-5967675.html

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