भास्कर संवाददाता| छतरपुर
प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ गोविंद सिंह शुक्रवार को एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान सर्किट में प्रभारी मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर गोविंद सिंह की मौजूदगी में विधायक आलोक चतुर्वेदी ने छतरपुर तहसील में एसडीएम की कुर्सी को लेकर चल रहे विवाद का मामला उठाया।
विधायक ने कहा कि एक कुर्सी पर दो अधिकारियों का दावा होने के कारण छतरपुर का मजाक उड़ रहा है। विधायक अनिल सपकाले को हटाने की मांग कर रहे थे। इस पर मंत्री ने कहा कि सपकाले हाईकोर्ट से स्थगन लेकर आए हैं इस कारण तत्काल कुछ नहीं किया जा सकता। मंत्री ने कलेक्टर मोहित बुंदस को कानूनी राय लेकर मामले का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए।
इस दौरान सहकारिता मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सरकार के कार्यकाल पर कई आरोप लगाए। गाेविंद सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने 15 वर्षों तक सहकारिता विभाग को चारागाह बना रखा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पर अब सभी बंद हुई संस्थाओं को शुरू करते हुए उन्हें बेहतर किया जाएगा।
ऋण माफी के दौरान उजागर हुए घोटालों और सहकारी समितियों के घोटालों के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोर्ट का स्टे है, इसलिए अभी कार्रवाई नहीं हो रही, पर बख्शा कोई भी दोषी नहीं जाएगा।
मुख्य सचिव ने 3 मिनट में मामला निपटने की बात कही थी: सहकारिता मंत्री और प्रभारी मंत्री से मुलाकात के दौरान छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी ने कहा कि एक पद पर दो अधिकारियों के दावे से जिले की बदनामी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से मुख्य सचिव को भी अवगत कराया है।
उन्होंने तीन मिनिट में मामला समाप्त किए जाने की बात कही, पर एक सप्ताह के बाद भी यह मामला नहीं सुलझा। प्रभारी मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने इस मामले में कलेक्टर को निर्देश देते हुए कहा कि वे विधि विशेषज्ञों से राय लें और मामले का तुरंत निपटाएं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/damoh/news/mp-news-the-mla-said-resolve-the-dispute-of-sdm-chair-minister-dr-govind-singh-said-matter-in-court-can-not-do-anything-084515-6057095.html
No comments:
Post a Comment