Saturday, November 30, 2019

डाॅक्यूमेंटेशन, स्टाफ की कमी और कमरे कम होने से नेक की उम्मीद पर खरा उतरना मुश्किल

इस बार महाविद्यालय स्वमूल्यांकन के हिसाब से बी प्लस-प्लस यानि 2.0 सीजीपीए लाने की तैयारी में है। नेक की टीम का 2022 में दौरा होना है। इसके लिए महाविद्यालय को 7 मापदंड पर ग्रेड मिलती है। इनमें प्रोफेसरों की कमी, इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा अन्य पहलू भी शामिल हैं। पाठयक्रम, शिक्षण-सीखना और मूल्यांकन, शोध-परामर्श एवं विस्तार, अधोसंरचना, विद्यार्थी सहायता एवं प्रगति, संचालन, नेतृत्वशीलता एवं प्रबंधन, नवाचार के मापदंड है।

16 से प्रोफेसर हो गए 4, 3527 विद्यार्थियों के लिए कमरे हैं कम

वर्ष 2006 तक महाविद्यालय में 16 स्थाई प्रोफेसर थे, लेकिन वर्तमान में मात्र 4 बचे हैं। इस कारण छात्रों की पढ़ाई अाैर गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसी तरह महाविद्यालय में 3527 छात्र हैं। इनके लिए पर्याप्त कमरे नहीं है। स्टाफ सहित विद्यार्थियों के लिए 37 कक्ष होना चाहिए। लेकिन मात्र हाल सहित 28 कमरों में व्यवस्था बनाना पड़ रही है।

कमराें की कमी दूर करने के लिए निर्माण चल रहा है

हमने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। कॉलेज में कमरों की कमी दूर करने के लिए निर्माण चल रहा है। प्रोफेसरों की कमी दूर करने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। डाक्यूमेंटेशन, गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है। बी प्लस-प्लस ग्रेड लाने की तैयारियां शुरू कर दी है। डॉ. प्रभा सोनी, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय कॉलेज हरदा



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source https://www.bhaskar.com/mp/harda/news/mp-news-documentation-staff-shortage-and-shortage-of-rooms-make-it-difficult-to-meet-the-noble-expectations-084540-6069314.html

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