Saturday, January 2, 2021

कुछ वार्डों के 40 प्रतिशत तक रहवासियों में आई हर्ड इम्यूनिटी!, ऑफिशियल रिपोर्ट आने में वक्त लगेगा

कोराेना काल में शहर में ऐसे लोग बड़ी संख्या रहे जिन्हें कोरोना संक्रमण तो हुआ, लेकिन उन्हें इसका पता भी नहीं चला। इसकी वजह लोगों में हर्ड इम्यूनिटी का डेवलप होना रहा।

इस बात का खुलासा पिछले दिनों हुए सीरो सर्वे की रिपोर्ट में हुआ है। हालाँकि इस बात की पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं की गई है। रिपोर्ट अभी गोपनीय है, जिसे 10 से 12 दिनों के बाद सार्वजनिक किया जा सकता है।

दरअसल कोरोना काल में शहर में कितने लोगों तक हर्ड इम्यूनिटी पहुँची, इस बात को जानने के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सीराे सर्वे कराया गया। 12 दिनों तक चले सर्वे में 10 हजार लोगों का एंटीबॉडी टेस्ट किया गया।

यह सर्वे 40 टीमों ने शहर के 79 वार्डों में किया। सर्वे पूरा होने के बाद से ही इसके परिणाम जानने को लेकर लोगों में उत्सुकता है। सूत्रों के अनुसार मेडिकल कॉलेज की लैब में नमूनों की जाँच पूरी हो चुकी है। नमूनाें की जाँच में जो शुरूआती रिपोर्ट तैयार हुई है उसके अनुसार शहर के कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जहाँ 40 प्रतिशत लोगाें में हर्ड इम्यूनिटी मिली है।

जिसका मतलब यह है कि एंटीबॉडी टेस्ट के परिणाम में पता चला है कि लोगों में कोरोना को लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई है। मतलब लोग संक्रमित होकर ठीक भी हो गए और उन्हें इस बात का पता भी नहीं चला।

एक नजर

  • संक्रमण का पता लगाने प्रत्येक वार्ड से करीब 150-170 व्यक्तियों का टेस्ट किया गया।
  • सर्वे में बच्चों, महिला और पुरुष, तीनों वर्गों में सैंपलिंग हुई। वार्ड के अलग-अलग क्षेत्रों से नमूने लिए गए।
  • स्वास्थ्य कर्मियों ने एप के माध्यम से संबंधित व्यक्ति की जानकारी दर्ज की, एक घर से एक व्यक्ति का सैंपल लिया गया।
  • सर्वे में ऐसे लोगों का एंटी बॉडी टेस्ट किया गया, जो सैंपल देने तक संक्रमित न हुए हों तथा कोरोना संक्रमण काल के दौरान जिनमें संदिग्ध लक्षण न रहे हों।

फाइनल रिपोर्ट आने में 10 से 12 दिन

सूत्रों के अनुसार शुरूआती रिपोर्ट शहर के लगभग सभी वार्डाें में हर्ड इम्यूनिटी पहुँचने का इशारा कर रही है, जिनमें कुछ वार्डों में यह 40 प्रतिशत तक है। हालाँकि जिम्मेदारों का कहना है कि वास्तविक आँकड़े फाइनल रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही पता चलेंगे, जो कि 10 से 12 दिन बाद सार्वजनिक की जा सकती है।

रिपोर्ट कम्पाइल करने का काम कम्युनिटी मेडिसिन विभाग को दी गई है। एंटीबॉडी टेस्ट की रिपोर्ट दिल्ली के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र-एनसीडीसी को भेजी जाएगी। जहाँ एक्सपर्ट रिपोर्ट एनालिसिस करेंगे और बताएँगे कि शहर के लोगों में कोरोना के प्रति हर्ड इम्युनिटी बनी है या नहीं? विशेषज्ञ संक्रमण के सम्भावित स्थानों का भी आकलन करेंगे। एनसीडीसी देश में संचारी रोग की निगरानी और नियंत्रण को लेकर काम करने वाला केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग की शाखा है।



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प्रतिकात्मक फोटो


source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/heard-immunity-in-up-to-40-percent-of-residents-of-some-wards-official-report-will-take-time-128081585.html

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