Sunday, August 30, 2020

मालवा में अच्छी बारिश से गांधी सागर में पानी बढ़ा, 14 गेट खोलकर 2.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, पगारा 64 % खाली

मालवा अंचल के जंगल क्षेत्र में अच्छी बारिश होने के कारण रविवार को गांधी सागर डैम के 19 में से 14 गेट खोल दिए हैं। इस पानी से राणा प्रताप सागर को भरा जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अफसरों का कहना है कि अक्टूबर में रबी सीजन की फसलों के लिए कोटा बैराज से समय पर पानी देने की स्थिति बनेगी। इधर, मुरैना जिले के कोतवाल व पिलुआ डैम भी लबालब चल रहे हैं लेकिन पगारा डैम के 64 फीसदी खाली होने के कारण गेहूं व सरसों की बोवनी के समय भिंड जिले के लिए सिंचाई के लिए पानी की किल्लत हो सकती है। बीते तीन दिनों में मालवा के इंदौर, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम के कैचमेंट एरिया में झमाझम बारिश होने के कारण गांधी सागर डैम का वाटर लेवल रविवार को 1305 फीट तक जा पहुंचा।

इसके चलते दोपहर 12 बजे गांधी सागर डैम के 5 गेट खोलने पड़े और शाम 4.30 बजे दो और गेट खोलकर पानी राणा प्रताप सागर डैम के लिए पानी का डिस्चार्ज 95 हजार क्यूसेक से बढ़ाकर 2 लाख 80 हजार क्यूसेक करना पड़ा है। गांधी सागर डैम में रविवार को 4 लाख 52 हजार क्यूसेक पानी की आवक होने के कारण 50 फीसदी से ज्यादा पानी छोड़ने की स्थिति बन गई। गांधी सागर डैम से बड़ी तादाद में पानी छाेड़ने से अभी तक 4 मीटर खाली चल रहे राणा प्रताप सागर को भरने में मदद मिलेगी। राणा प्रताप सागर डैम के भरने से जवाहर सागर व कोटा बैराज फुल लेवल पर आ पाएंगे। तभी चंबल नहर में कोटा बैराज से पानी दिया जा सकेगा।

पगारा डैम अभी 64 % खाली
जौरा का पगारा डैम अभी तक 64 फीसदी खाली है। रविवार को पगारा डैम में 634.40 फीट पानी भरा था। जबकि फुल लेवल के लिए 654 फीट पानी की आवश्यकता है। अभी पगारा 35 फीसदी से कुछ अधिक भरा है। 20 फीट पानी और आने पर पगारा फुल हो पाएगा। यहां बता दें कि पगारा डैम के पानी का उपयोग कोतवाल व पिलुआ डैम को भरने के काम आता है। अक्टूबर महीने में जब रबी सीजन की फसलों का पलेवा व बोवनी होती है उस समय पगारा डैम के पानी से मुरैना व भिंड जिले की नहर को पानी दिए जाने का प्रबंधन किया जाता है।

आसन नदी से फुल किए कोतवाल-पिलुआ डैम
आसन नदी में सहसराम व घाटीगांव के कैचमेंट एरिया का पानी आने से जल संसाधन विभाग ने मुरैना के कोतवाल व पिलुआ डैम काे लबालव कर दिया है। अनुविभागीय अधिकारी जीके गुप्ता ने बताया कि रविवार को कोतवाल का लेवल 552.30 फीट व पिलुआ डैम का लेवल 552.30 फीट मापा गया है। दोनों डैम इस समय फुल लेवल चल रहे हैं। पानी ओवरफ्लो नहीं हो इसके लिए बुधवार व गुरुवार को पिलुआ डैम से भिंड मैन कैनाल में कुछ पानी डिस्चार्ज किया गया है।

चंबल में झालावाड़ से 1.69 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा
चंबल नदी का लेवल रविवार को 123.10 मीटर तक पहुंच गया। जल संसाधन विभाग के अफसरों का कहना है कि झालावाड़ से चंबल में 1.69 लाख क्यूसेक पानी आने के कारण आगामी 72 घंटों में नदी का जलस्तर बढ़ेगा। कोटा बैराज से भी रविवार की दोपहर में 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया क्योंकि कोटा बैराज में जवाहर सागर से पानी आने की स्थिति बन रही है। उल्लेखनीय है कि 25 अगस्त को काली सिंध का पानी चंबल में आ जाने से नदी का जलस्तर 131.90 मीटर तक जा पहुंचा था। चंबल के लेवल को लेकर प्रशासन ने सबलगढ़ से लेकर अटेर तक 60 गांव के लोगों को अलर्ट जारी कर दिया है।



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जाैरा का पगारा बांध अभी 64 फीसदी खाली है


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/morena/news/good-rains-in-malwa-increased-water-in-gandhi-sagar-opened-14-gates-and-released-280-lakh-cusecs-of-water-pagara-64-empty-127668476.html

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