नर्मदा में बाढ़ का पानी तीसरे दिन भी कम नहीं हुआ है। शहर के चारों ओर पानी होने के कारण लोगों ने अपनी गृहस्थी का सामान भोपाल रोड पर हाईवे किनारे रखकर पन्नी और टीन लगाकर तंबू बना लिए हैं। इस कारण रविवार काे हाईवे पर दिनभर जाम लगता रहा। वहीं नर्मदा ब्रिज पर भी यातायात हाेने के कारण ट्रैफिक जाम लगा रहा। वहीं लोग रविवार और लॉकडाउन होने के बावजूद भी बाढ़ देखने निकले इस कारण भी जाम लगा। सीजन में यह पहला मौका जब नर्मदा लगातार 24 घंटे से चारों ब्रिज से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रविवार देर रात तक नर्मदा खतरे के निशान से 11 फीट ऊपर थी। हालांकि चारों ब्रिज से इसका लेवल 15 फीट नीचे रहा।
ऐसा शहर जहां पांच पुल हो जाएंगे: सबसे पुराना रेलवे ब्रिज 1884 में बना था। दूसरा सड़क मार्ग का 1968 में बनकर तैयार हुआ था। रेलवे का दूसरा और नर्मदा पर तीसरा ब्रिज 1993 में बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद चाैथा ब्रिज रेलवे का ब्रिज 2018 में बनकर तैयार हुआ। यहीं पास में अब एक और रोड पुल बनने जा रहा है जिसके बाद एक ही स्थान पर पांच पुल वाला पहला क्षेत्र हो जाएगा। इसका काम भी चालू हो चुका है। 1968 में सड़क मार्ग के लिए ब्रिज बनाया गया।
रेल ब्रिज से एक दिन में करीब 150 ट्रेनें निकलती हैं। वहीं सड़क ब्रिज से हाेकर 35 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। नर्मदा पर बने चारों ब्रिज 50 फीट से ऊंचे हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/narmada-still-11-feet-above-danger-mark-127670452.html
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