कोविड-19 के कारण 67 वर्षीय डॉ. बीके शर्मा ने गुरुवार शाम चोइथराम अस्पताल में अंतिम सांस ली। 2 मई को उन्हें सुयश अस्पताल में भर्ती किया गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 7 मई को चोइथराम अस्पताल शिफ्ट किया था। वे 1970 में प्रदेश की पहली पीएमटी बैच के पासआउट थे। बुखार आने के बाद पहली बार कोविड-19 की जांच करवाने पर उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी लेकिन सेहत में सुधार नहीं हुआ। जब दोबारा जांच करवाई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पासआउट डॉ. शर्मा ने ईएसआईसी, गीता भवन अस्पताल सहित कई अस्पतालों मंे सेवाएं दी। इसी बीच आयरलैंड से ट्रोपिकल मेडिसिन की डिग्री भी हासिल की। कुछ साल विदेश में भी काम किया। इसके बाद खुद का क्लिनिक चलाते थे। पिछले कुछ सालों से उन्होंने प्रैक्टिस बंद कर दी थी।
अप्रैल के अंतिम सप्ताह में उनकी तबीयत अचानक खराब हुई। बुखार आया। 3 मई को जांच के लिए सैंपल वायरोलॉजी लैब भेजा गया। वहां से 5 मई को रिपोर्ट आई जो निगेटिव थी। उसी दिन डॉक्टरों ने दूसरा सैंपल भी जांच के लिए भेजा, जिसकी रिपोर्ट 7 मई को मिली। रिपोर्ट पॉजिटिव थी। तत्काल क्रिटिकल हालत में आईसीयू में भर्ती किया गया। पिछले कई दिनों से वे वेंटीलेटर पर ही थे। चोइथराम अस्पताल के डेप्युटी डायरेक्टर डॉ. अमित भट्ट ने बताया कि उन्हें यलो कैटेगरी के अस्पताल से यहां भर्ती किया था। गौरतलब है कि डॉ. शत्रुघ्न पंजवानी की भी पहली कोविड जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। जब तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो दूसरी जांच करवाई गई तब संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/like-panjwani-dr-sharmas-first-report-came-negative-127330952.html
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