Thursday, December 19, 2019

आवेदक ज्यादा कमियां न बताएं इसलिए एमपी ऑनलाइन ने लगाया आपत्ति शुल्क

प्रतियोगी परीक्षा देकर सरकारी नौकरी की आस लगाए बेरोजगार आवेदक एमपी ऑनलाइन की वसूली के शिकार हो रहे हैं। प्रदेश में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग और प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड के बाद यह तीसरी एजेंसी है, जो सरकारी नौकरी के लिए परीक्षाओं का आयोजन कराती है, लेकिन पहली ऐसी भी एजेंसी है, जो इन परीक्षाओं की मॉडल आंसर शीट जारी करने के बाद आवेदकों से आपत्ति लगाने के भी पैसे वसूल कर रही है। किसी भी प्रश्न के संदिग्ध होने की स्थिति में आपत्ति लगाने वाले आवेदकों से 60 रुपए प्रति प्रश्न चार्ज किए जा रहे हैं। ऐसे में सैकड़ों आवेदक परेशान हो रहे हैं।

प्रतियोगियों को झटका... आवेदकों पर पड़ रहा अतिरिक्त बोझ, आपत्ति पर आवेदक को 90 रुपए प्रति प्रश्न के हिसाब से करना पड़ेगा भुगतान

अब प्रश्नों के साथ ऑब्जेक्शन चार्ज पर भी ऑब्जेक्शन...

परीक्षा से 50 हजार से 1.20 करोड़ रुपए की वसूली

इस परीक्षा में बाहरी उम्मीदवारों का कोई कोटा निर्धारित नहीं किया गया था। ऐसे में बाहरी राज्यों के ही 40 से 42 हजार आवेदक परीक्षा में शामिल हुए। इसके अलावा प्रदेश के भी लगभग 20 हजार से अधिक आवेदकों ने इस परीक्षा में भाग लिया था। ऐसे में एक मोटे अनुमान के मुताबिक 50 हजार आवेदक विवादित प्रश्नों पर आपत्ति लगाएंगे। इसके चलते चार प्रश्नों पर 240 रुपए प्रति आवेदक के हिसाब से 1.20 करोड़ रुपए की वसूली हो जाएगी।

60 रुपए प्रति प्रश्न और 30 रुपए कियोस्क चार्ज देना होगा

नेशनल हेल्थ मिशन ने गत 10 दिसंबर को एमपी ऑनलाइन के जरिए सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर के 187 और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के 3450 पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन कराया था। तीन शिफ्टों में हुईं इन परीक्षाओं में आवेदकों को कुल मिलाकर चार प्रश्नों पर आपत्ति है। इसके लिए 13 से 15 दिसंबर तक आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। परीक्षा में शामिल हुए आवेदक जब कियोस्क सेंटर के माध्यम से आपत्ति लगाने के लिए पहुंचे, तो पता चला कि उन्हें 60 रुपए प्रति प्रश्न और 30 रुपए कियोस्क चार्ज यानी 90 रुपए प्रति प्रश्न के हिसाब से भुगतान करना होगा। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की इस परीक्षा के बाद प्रश्नों पर आपत्ति लगाने में प्रति आवेदक कुल 360 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। कुछ आवेदकों की शिकायत पर भास्कर की टीम ने मामले की पड़ताल की, तो खुलासा हुआ कि अभी तक प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में भी विवादित प्रश्नों पर आपत्ति लगाने की प्रक्रिया के दौरान आवेदकों के कोई शुल्क नहीं लिया जाता है, लेकिन कमाई के लिए एमपी ऑनलाइन के अफसर प्रति प्रश्न पैसे ले रहे हैं। इससे छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक प्रश्न से बिगड़ेगी मेरिट

इस परीक्षा के दौरान 10 दिसंबर को फ़र्स्ट शिफ्ट में एक ही प्रश्न को दो बार पूछा गया था। इसमें सवाल नंबर 43 पर पूछा गया था कि कॉप्लिक्स स्पॉट किस बीमारी के दौरान देखने में आते हैं। इसमें चार ऑप्शन के तौर पर खसरा, गलसुआ, रुबेला और पोलियो का ऑप्शन दिया गया था। ठीक यही सवाल प्रश्न क्रमांक 90 पर भी था। इसमें ऑप्शन बदलकर खसरा, चिकन पॉक्स, टाइफाइड और गलसुआ कर दिए गए थे। अब आवेदकों का कहना है कि इससे इस शिफ्ट में आवेदकों को एक अंक का फायदा मिलेगा, जिससे मेरिट प्रभावित हो जाएगी।

चार्ज इसलिए रखा, ताकि आपत्ति कम आएं

यह चार्ज कोई कमाई के लिए नहीं रखा है, बल्कि इसलिए रखा गया है ताकि आपत्तियां कम आएं। आपत्ति की प्रक्रिया को शुल्क से मुक्त रखने पर ढेरों आपत्तियां आ जाती हैं। इसको देखते हुए बहुत ही कम शुल्क निर्धारित किया गया है, ताकि सिर्फ सही आवेदक ही आपत्ति लगाएं। इसमें कमाई का कोई गणित नहीं है। राजीव सिसोदिया, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर एमपी ऑनलाइन



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Bhind News - mp news mp online imposed objection fee so that applicants do not reveal more shortcomings


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